ऑस्ट्रेलिया पर दुनिया का सबसे गोपनीय लोकतंत्र बनने के आरोप

ऑस्ट्रेलिया पर दुनिया का सबसे गोपनीय लोकतंत्र बनने के आरोप

ऑस्ट्रेलिया पर दुनिया का सबसे गोपनीय लोकतंत्र बनने के आरोप
Modified Date: November 29, 2022 / 08:05 pm IST
Published Date: June 20, 2021 2:53 pm IST

कैनबरा ,20 जून (एपी) ऑस्ट्रेलिया में गोपनीयता कानूनों का इस्तेमाल सूचनाओं को दबाने में करने के कई मामले सामने आने के बाद उस पर दुनिया का सबसे गोपनीय लोकतंत्र बनने के आरोप लग रहे हैं।

पिछले सप्ताह देश के एक पूर्व जासूस को ‘ईस्ट तिमोर’ की सरकार के खिलाफ चले खुफिया अभियान के बारे में खुलासा करने में उसकी भूमिका को लेकर दोषी करार दिया गया, हालांकि पूर्व जासूस की भूमिका की अभी पुष्टि नहीं हुई है। यह देश का ताजा हाई प्रोफाइल मामला है,जिसमें गोपनीयता कानूनों का इस्तेमाल सूचनाओं को दबाने में हुआ है। पुलिस ने उन पत्रकारों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की धमकी दी है जिन्होंने अफगानिस्तान में ऑस्ट्रेलिया के विशेष बलों पर युद्ध अपराध करने के आरोप लगाए थे।

देश की जनता को उस पूर्व जासूस का नाम तक नहीं मालूम जिसे शुक्रवार को दोषी ठहराया गया है। ‘कैनबरा कोर्ट रजिस्ट्री’ ने उसे ‘विटनेस के’ के नाम से सूचीबद्ध किया। हालांकि आरोपी के वकील ने उसे सम्मानपूर्वक ‘श्रीमान के’’ कह कर बुलाया।

एक पूर्व सरकारी खुफिया विश्लेषक व्हिसलब्लोअर एंड्रयू विल्की, राष्ट्रीय सुरक्षा को ढाल की तरह इस्तेमाल करने के मुखर आलोचक हैं। विल्की ने ‘के’ और उनके पूर्व वकील बर्नार्ड कोलाइरी के खिलाफ मुकदमा चलाने का विरोध किया। कोलाइरी पर आरोप है कि उसने पूर्वी तिमोर को गोपनीय सूचनाएं देने के लिए ‘के’ के साथ साजिश रची। विल्की चाहते हैं कि इस मामले की सुनवाई गोपनीय तरीके से नहीं हो।

एपी शोभना नीरज

नीरज


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