आस्ट्रेलिया की बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक संबंधी कानूनों को और कड़ा करने की योजना

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आस्ट्रेलिया की बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक संबंधी कानूनों को और कड़ा करने की योजना

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  • Publish Date - June 26, 2026 / 03:16 PM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 03:16 PM IST

मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया), 26 जून (एपी) ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा है कि उनकी सरकार 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया मंचों के उपयोग पर प्रतिबंध संबंधी कानूनों को और सख्त बनाने की योजना बना रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार यह कदम उन साक्ष्यों के आधार पर उठा रही है जिनसे संकेत मिलता है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे मंचों पर कम उम्र के बच्चों के अकाउंट रखने पर लगाया गया प्रतिबंध प्रभावी साबित नहीं हुआ है। यह कानून पिछले वर्ष 10 दिसंबर से लागू हुआ था।

युवाओं को सोशल मीडिया से दूर रखने संबंधी कानून पारित करने वाला ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बना था, हालांकि बाद में अन्य देशों ने भी इसी तरह के कदम उठाए हैं।

अल्बनीज ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा कि उनकी सरकार इस प्रतिबंध को और प्रभावी बनाने के विकल्पों पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, “हम इसे प्राथमिकता के आधार पर देख रहे हैं क्योंकि यह ऐसी चुनौती है जिसका सामना पिछली पीढ़ियों को नहीं करना पड़ा था और इसी कारण यह एक जटिल विषय है।”

अल्बनीज ने शुक्रवार को ‘ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन’ (एबीसी) से कहा कि सरकार यह समीक्षा कर रही है कि ‘‘क्या मौजूदा कानून पर्याप्त रूप से मजबूत हैं और क्या ऑनलाइन सुरक्षा नियामक संस्था की प्रमुख जूली इनमैन ग्रांट के पास अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए सभी आवश्यक अधिकार उपलब्ध हैं।’’

पिछले सप्ताह ब्रिटेन ने भी बच्चों को हानिकारक सामग्री और अत्यधिक स्क्रीन समय से बचाने के लिए 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर कई सोशल मीडिया मंचों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की योजना की घोषणा की थी।

कनाडा, ब्राजील और इंडोनेशिया भी सोशल मीडिया तक बच्चों की पहुंच को आयु-आधारित प्रतिबंधों के दायरे में लाने के लिए कानून बना चुके हैं या ऐसी योजनाओं की घोषणा कर चुके हैं। वहीं फ्रांस, स्पेन, डेनमार्क, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी इसी प्रकार की व्यवस्थाओं पर विचार कर रहे हैं।

इनमैन ग्रांट ने अप्रैल में कहा था कि वह फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, टिकटॉक और यूट्यूब के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही हैं क्योंकि उनके अनुसार ये मंच कम उम्र के बच्चों को अपने प्लेटफॉर्म से दूर रखने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं।

इन मंचों के अलावा एक्स, किक, रेडिट, थ्रेड्स और ट्विच पर भी 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 3.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, यदि वे कम उम्र के बच्चों के अकाउंट हटाने के लिए उचित कदम नहीं उठाते हैं।

आरएमआईटी विश्वविद्यालय की सूचना विज्ञान विशेषज्ञ लिसा गिवेन ने कहा कि सरकार का प्रस्तावित सुधार इस बात का संकेत है कि मौजूदा प्रतिबंध से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मार्च में जारी ई-सेफ्टी के आंकड़ों से पता चला है कि दिसंबर के बाद भी 10 में से सात बच्चों के फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और टिकटॉक पर अकाउंट बने हुए हैं।

गिवेन ने ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में बुधवार को प्रकाशित एक अध्ययन का भी हवाला दिया जिसमें पाया गया कि 12 से 17 वर्ष आयु वर्ग के ऑस्ट्रेलियाई किशोरों के एक समूह में 85 प्रतिशत प्रतिबंधित मंचों का उपयोग कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह व्यवस्था विफल हो रही है। मीडिया में कई बच्चों ने भी कहा है कि यह एक असफल प्रयास साबित हुआ है।”

अखबार ‘सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड’ के अनुसार, इनमैन ग्रांट ने जून की शुरुआत में एक साक्षात्कार में कहा था, “मेरे पास पर्याप्त प्रभावी अधिकार नहीं हैं।”

उन्होंने कहा था, “कोई भी नियामक उतना ही प्रभावी होता है जितने अधिकार और संसाधन उसे उपलब्ध कराए जाते हैं।”

गिवेन ने कहा कि ऐसे कानून को लागू करना चुनौतीपूर्ण है जिसका सोशल मीडिया मंच विरोध कर रहे हों।

उन्होंने कहा, “या तो ई-सेफ्टी आयुक्त को अधिक अधिकार देने होंगे या फिर कानून लागू कराने के लिए कोई दूसरा तरीका अपनाना होगा।”

एपी अमित नरेश

नरेश