ढाका, 21 जनवरी (भाषा) बांग्लादेश की एक अदालत ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और 285 अन्य लोगों के खिलाफ राजद्रोह के मामले में आरोप तय करने के लिए अगली सुनवाई की तारीख नौ फरवरी निर्धारित की।
यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है कि दिसंबर 2024 में हसीना और अवामी लीग के सैकड़ों सदस्यों ने ‘जॉय बांग्ला ब्रिगेड’ नामक समूह की ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लिया था, जहां मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को गिराने की कथित तौर पर साजिश रची गई।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘बांग्लादेश संवाद संस्था’ (बीएसएस) के अनुसार ढाका की विशेष अदालत के न्यायाधीश मोहम्मद अब्दुस सलाम ने इस संबंध में बचाव पक्ष की अलग-अलग याचिकाओं को मंजूरी देते हुए आदेश पारित किया।
मामले के 286 आरोपियों में से हसीना समेत 259 आरोपी फरार हैं और उन पर उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चल रहा है।
पिछले साल 14 अक्टूबर को, अदालत ने अखबारों में नोटिस प्रकाशित करने का आदेश दिया था, जिसमें हसीना समेत फरार आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया था।
आरोप है कि 19 दिसंबर, 2024 को ‘जॉय बांग्ला ब्रिगेड’ की बैठक आयोजित की गई थी, जहां प्रतिभागियों ने हसीना को फिर से देश की प्रधानमंत्री बनाने के लिए कथित तौर पर गृहयुद्ध छेड़ने का संकल्प जताया था। देश और विदेश में कुल 577 व्यक्तियों ने इस ऑनलाइन बैठक में भाग लिया और निर्देशों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बीएसएस की खबर के अनुसार, सीआईडी की जांच में पाया गया कि अमेरिकी अवामी लीग के नेता डॉ. रब्बी आलम द्वारा आयोजित ऑनलाइन बैठक में वैध सरकार का विरोध करने और राष्ट्र के खिलाफ विद्रोह भड़काने के उद्देश्य से चर्चाएं शामिल थीं।
सीआईडी के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मोहम्मद इनामुल हक ने 27 मार्च, 2025 को हसीना और 72 अन्य लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मामला अदालत में दायर किया।
जांच के बाद, सीआईडी ने 14 अगस्त को हसीना समेत 286 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने आरोप पत्र स्वीकार कर लिया और सभी आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए।
छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर सरकार की क्रूर कार्रवाई के लिए ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के आरोप में एक विशेष न्यायाधिकरण द्वारा नवंबर में हसीना को मौत की सजा सुनाई गई थी।
जुलाई और अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद हसीना उसी वर्ष पांच अगस्त को भारत चली गई थीं। तीन दिन बाद, मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में पदभार संभाला, जिसने एक आदेश के माध्यम से हसीना की अवामी लीग पार्टी को भंग कर दिया।
भाषा आशीष दिलीप
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