बांग्लादेश चुनाव: बीएनपी ने जीत का दावा किया, 20 साल बाद सत्ता में होगी वापसी

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बांग्लादेश चुनाव: बीएनपी ने जीत का दावा किया, 20 साल बाद सत्ता में होगी वापसी

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  • Publish Date - February 13, 2026 / 11:50 AM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 11:50 AM IST

(तस्वीरों के साथ जारी)

ढाका, 13 फरवरी (भाषा) बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने एक दिन पहले बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए हुए मतदान के बाद शुक्रवार को मतगणना के बीच अपनी जीत का दावा किया।

इस चुनाव में जीत हासिल करने वाली पार्टी उस अंतरिम प्रशासन की जगह लेगी जिसने अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने के बाद कार्यभार संभाला था।

कई मीडिया संस्थानों ने बताया कि 300 सदस्यीय संसद में बीएनपी ने 151 से अधिक सीट जीत ली हैं जो अगली सरकार के गठन के लिए पर्याप्त सीट हैं।

बहरहाल, निर्वाचन आयोग (ईसी) ने इस संबंध में अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।

बीएनपी के मीडिया प्रकोष्ठ ने जीत का दावा करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी-बीएनपी अधिकतर सीट पर जीत हासिल करने के बाद सरकार बनाने के लिए तैयार है।’’

कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, निर्वाचन आयोग मतगणना के बाद संभवत: शुक्रवार को बीएनपी को आम चुनाव का विजेता घोषित करेगा जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी को बहुमत मिला है।

निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता के अनुसार, कई सीट के परिणाम अभी नहीं आए हैं और उन्हें कुछ ही घंटों में घोषित किए जाने की संभावना है।

निर्वाचन आयोग ने आधिकारिक परिणामों की अभी तक घोषणा नहीं की है लेकिन बीएनपी के लिए बधाई संदेश अभी से आने लगे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान की ‘‘निर्णायक जीत’’ पर शुक्रवार को उन्हें बधाई देते हुए कहा कि वह विकास के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं।

मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बीएनपी को निर्णायक जीत दिलाने के लिए मैं तारिक रहमान को हार्दिक बधाई देता हूं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि रहमान की जीत ने उनके नेतृत्व में बांग्लादेश की जनता के भरोसे को दर्शाया है।

ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने बांग्लादेश की जनता को ‘‘सफल आम चुनाव’’ के लिए अग्रिम बधाई दी है और बीएनपी एवं रहमान की ‘‘ऐतिहासिक जीत’’ के लिए विशेष रूप सराहना की।

देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग के चुनाव मैदान में नहीं होने के कारण इस चुनाव को बीएनपी और उसके पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधी टक्कर के रूप में देखा गया।

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार 18 महीने से सत्ता में है।

बांग्लादेश में जटिल 84 सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ-साथ 13वां आम चुनाव कराया गया। सुधार पैकेज को ‘जुलाई राष्ट्रीय घोषणापत्र’ के नाम से भी जाना जाता है।

बीएनपी पिछली बार 2001 से 2006 के बीच सत्ता में रही थी। उस समय जमात उसकी महत्वपूर्ण सहयोगी पार्टी थी और उसके दो नेता मंत्री के रूप में कार्यरत थे।

जमात ने इन चुनावों के दौरान ‘‘असामान्य देरी’’ एवं ‘‘परिणामों में हेरफेर’’ के आरोप लगाए हैं तथा चेतावनी दी है कि अगर जनता का जनादेश ‘‘छीन लिया गया’’ तो वह एक बड़ा आंदोलन करेगी।

जमात के सहायक महासचिव अहसानुल महबूब जुबैर ने निर्वाचन आयोग भवन में शुक्रवार तड़के पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि मतगणना अधिकारी एक ‘‘विशेष पार्टी’’ के पक्ष में परिणामों में जानबूझकर देरी कर रहे हैं।

अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में पिछले साल गठित 11 दलों के दक्षिणपंथी गठबंधन में जमात की प्रमुख सहयोगी नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने भी विशेष रूप से ढाका की कई सीट पर ‘‘परिणामों में हेरफेर और सुनियोजित धोखाधड़ी’’ के आरोप लगाए हैं।

बीएनपी ने पहले घोषणा की थी कि यदि वह चुनाव जीतती है तो उसके अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री होंगे।

अगर पार्टी चुनाव जीतती है तो रहमान पिछले 36 वर्ष में बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री होंगे।

बीएनपी की केंद्रीय चुनाव संचालन समिति के प्रवक्ता महदी अमीन ने शुक्रवार तड़के संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम दो-तिहाई से अधिक सीट जीतकर सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त हैं।’’

करीब 17 वर्ष के आत्मनिर्वासन के बाद पिछले साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटे रहमान ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से विजय रैलियां निकालने के बजाय दोपहर में ‘जुमे’ की नमाज के बाद पूरे देश में विशेष दुआएं करने को कहा।

ईसी ने मतदान प्रतिशत का आंकड़ा अभी घोषित नहीं किया है। उसने मतदान केंद्रों में मतदाताओं की मौजूदगी को लेकर हेरफेर के आरोपों को खारिज किया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ए एम एम नासिरुद्दीन ने बृहस्पतिवार शाम एक संवाददाता से कहा, ‘‘पिछले चुनावों में भी मतदान प्रतिशत को लेकर बहस होती रही है। कृपया अब इसे लेकर सवाल न उठाएं।’’

उन्होंने कहा कि रुझान में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है क्योंकि कई हजार मतदान केंद्रों से नतीजे अलग-अलग समय पर आते हैं।

निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने पहले कहा था कि बृहस्पतिवार को 42,651 मतदान केंद्रों में से 36,031 पर अपराह्न दो बजे तक 47.91 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया।

देश भर में 300 में से 299 संसदीय सीट पर मतदान बृहस्पतिवार सुबह साढ़े सात बजे (स्थानीय समयानुसार) शुरू हुआ और शाम साढ़े चार बजे तक जारी रहा। एक निर्वाचन क्षेत्र में एक उम्मीदवार की मृत्यु होने के कारण मतदान रद्द कर दिया गया था।

मतदान 4:30 बजे (स्थानीय समय) समाप्त होने के तुरंत बाद मतों की गिनती शुरू हो गई।

निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे और लगभग 10 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया था जो देश के चुनावी इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी तैनाती है।

भाषा सिम्मी अमित

अमित