बांग्लादेश की संसद ने मनमोहन सिंह और खालिदा जिया समेत कई नेताओं के निधन पर शोक जताया

बांग्लादेश की संसद ने मनमोहन सिंह और खालिदा जिया समेत कई नेताओं के निधन पर शोक जताया

बांग्लादेश की संसद ने मनमोहन सिंह और खालिदा जिया समेत कई नेताओं के निधन पर शोक जताया
Modified Date: March 12, 2026 / 07:20 pm IST
Published Date: March 12, 2026 7:20 pm IST

ढाका, 12 मार्च (भाषा) बांग्लादेश की संसद ने बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और दिवंगत ईरानी नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेताओं के निधन पर शोक व्यक्त किया।

देश की 13वीं संसद के पहले सत्र में शोक व्यक्त करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें शुरू में दिवंगत पोप फ्रांसिस और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग की पूर्व सांसद और नेता मतिया चौधरी सहित 31 नाम शामिल थे।

हालांकि, मुख्य विपक्षी दल जमात-ए-इस्लामी के आग्रह पर, 1971 के युद्ध अपराधियों के नाम भी इसमें शामिल किए गए, जिन्हें पाकिस्तानी सेना के कट्टर सहयोगी के रूप में देश के मुक्ति युद्ध के दौरान फांसी दी गई थी।

प्रस्ताव में जुलाई-अगस्त में हुए जन विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के नाम भी शामिल किए गए, जिसके बाद अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार गिर गयी थी।

नव निर्वाचित अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद ने फांसी दिए गए युद्ध अपराधियों के नामों को सूची में शामिल करने पर सहमति जताई क्योंकि जमात का दावा था कि नामों की प्रारंभिक सूची ‘एकतरफा’ थी। अध्यक्ष 1971 के स्वतंत्रता सेनानी रह चुके हैं।

फांसी पर लटकाए गए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता सलाहुद्दीन कादर चौधरी के लिए एक अलग शोक प्रस्ताव पेश किया गया, जिन पर 1971 के युद्ध अपराधों के लिए मुकदमा चलाया गया था। उन पर पाकिस्तानी सेना का साथ देकर बांग्लादेश की 1971 की स्वतंत्रता को रोकने का आरोप था।

बीएनपी सांसद और संसद के मुख्य सचेतक नूरुल इस्लाम मोनी ने नामों का समर्थन किया।

भाषा रंजन नरेश

नरेश


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