तीखी आलोचना के बीच बाइडन काबुल से लोगों की निकासी में बाधा को लेकर दे सकते हैं बयान

तीखी आलोचना के बीच बाइडन काबुल से लोगों की निकासी में बाधा को लेकर दे सकते हैं बयान

तीखी आलोचना के बीच बाइडन काबुल से लोगों की निकासी में बाधा को लेकर दे सकते हैं बयान
Modified Date: November 29, 2022 / 08:19 pm IST
Published Date: August 20, 2021 8:01 pm IST

वाशिंगटन, 20 अगस्त (एपी) अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति को लेकर तीखी आलोचना का सामना कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन वहां से अपने नागरिकों और सहयोगियों को बाहर निकालने में हो रही दिक्कतों के बारे में शुक्रवार को बयान देंगे।

इससे पहले बाइडन ने अचानक तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर नियंत्रण कर लेने से पहले सहयोगियों को बाहर निकालने में अमेरिका की विफलता के लिए अफगानों को दोषी ठहराया था। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को बताया कि अमेरिकी राजनयिकों ने औपचारिक रूप से कई हफ्ते पहले ही आग्रह किया था कि बाइडन प्रशासन लोगों की निकासी के प्रयासों में तेजी लाए।

अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस बुलाने की अमेरिका की 31 अगस्त की समय सीमा से पहले हज़ार लोगों को अभी निकाला जाना बाकी है। हालांकि अब इस अभियान में तेजी आयी है । एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि लगभग 250 अमेरिकियों सहित लगभग 5,700 लोगों को 16 सी-17 परिवहन विमानों से काबुल से बाहर निकाला गया। पिछले दो दिनों में, लगभग 2,000 लोगों को बाहर निकाला गया है।

बाइडन लोगों की निकासी के संबंध में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक करेंगे और शुक्रवार दोपहर बाद व्हाइट हाउस से संबोधन के लिए तैयार हैं।

जुलाई में, काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास में 20 से अधिक राजनयिकों ने चिंता जतायी थी कि अमेरिका के लिए काम करने वाले अफगानों की देश से निकासी की प्रक्रिया तेजी से आगे नहीं बढ़ रही है।

बाइडन ने कहा है कि सैनिकों की वापसी के हिस्से के रूप में सामने आई अराजकता अपरिहार्य थी क्योंकि 20 साल से चल रहा युद्ध समाप्त हो गया था। उन्होंने कहा कि वह अफगानिस्तान के अमेरिका समर्थित राष्ट्रपति अशरफ गनी की सलाह का पालन कर रहे थे जो अमेरिकियों के साथ काम करने वाले अनुवादकों और खतरे का सामना कर रहे अन्य अफगानों को बाहर निकालने के लिए अमेरिकी प्रयासों के विस्तार के पक्ष में नहीं थे।

बाइडन ने यह भी कहा कि खतरे का सामने करने वाले कई अफगान सहयोगी देश नहीं छोड़ना चाहते थे। लेकिन शरणार्थी समूह उन हज़ारों अफ़गानों द्वारा वीजा के लिए आवेदनों के वर्षों के ‘बैकलॉग’ की ओर इशारा करते हैं जिनसे वे अमेरिका में शरण ले सकेंगे।

तालिबान द्वारा हवाई अड्डे के बाहरी हिस्से सहित काबुल पर नियंत्रण स्थापित करने के साथ अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि अमेरिकी नागरिक हवाई अड्डे तक पहुंचने में सक्षम हैं, लेकिन अक्सर हवाई अड्डे के गेट पर उनका सामना भारी भीड़ से होता है।

एपी अविनाश पवनेश

पवनेश


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