ट्रंप का विरोध कर वैश्विक पहचान बनाने वाले कार्नी के नाम की नोबेल, ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ के लिए चर्चा
ट्रंप का विरोध कर वैश्विक पहचान बनाने वाले कार्नी के नाम की नोबेल, ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ के लिए चर्चा
टोरंटो, 30 सितंबर (एपी) कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के सामने अपने देश का मजबूती से पक्ष रखकर वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है और उनके इसी रुख की वजह से अब उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार और ‘टाइम’ पत्रिका के ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों की दौड़ में देखा जा रहा है।
पूर्वानुमान लगाने से जुड़े बाजार में कार्नी के दोनों सम्मान हासिल करने की संभावनाओं को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
अमेरिका के पूर्वानुमान बाजार ‘कलशी’ पर सोमवार को कार्नी कुछ समय के लिए 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के संभावित विजेताओं में आगे रहे। कारोबारियों ने उनकी संभावना 14 प्रतिशत आंकी, लेकिन बाद में यह घट गई, जो इन पूर्वानुमानों की अटकलों पर आधारित प्रकृति को दर्शाता है।
नोबेल समिति की नौ अक्टूबर को ओस्लो में घोषित होने वाली गुप्त सूची में कार्नी के शामिल होने का कोई सार्वजनिक प्रमाण नहीं है।
हालांकि, नोबेल पुरस्कार को लेकर चर्चा से कार्नी के उस संदेश की ओर ध्यान गया है, जिसने उनकी वैश्विक पहचान बढ़ाई है : ‘‘मध्यम शक्तियों वाले देशों को अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए, क्योंकि बड़ी शक्तियां आर्थिक और सैन्य दबाव का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं।’’
कार्नी और ट्रंप के बीच व्यापार युद्ध तेज हो रहा है। अमेरिका ने अरबों डॉलर के कनाडाई सामान पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है और कनाडा ने भी जवाबी कदम उठाए हैं। ट्रंप ने कनाडाई नेताओं से ‘‘(सही) रास्ते पर आने’’ को कहा है और मौजूदा शुल्क से भी ‘‘बहुत बदतर’’ परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
ट्रंप दो बार अमेरिकी प्रतिष्ठित पत्रिका ‘टाइम’ के ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ रह चुके हैं। वह नोबेल पुरस्कार न मिलने की शिकायत भी कर चुके हैं और जुलाई में उन्होंने कहा था कि किसी भी अन्य व्यक्ति के बजाय वह इस सम्मान के ज्यादा हकदार हैं।
‘टाइम’ ने कार्नी को 2026 के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया था और कहा था कि ट्रंप के दबाव का डटकर सामना करने के कारण उनकी लोकप्रियता बढ़ी है।
मंगलवार को प्रमुख पूर्वानुमान बाजारों में ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ के लिए कार्नी दूसरे स्थान पर थे, जबकि न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी उनसे आगे थे।
कार्नी ने जनवरी में स्विट्जरलैंड के दावोस में कहा था कि पुरानी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था वापस नहीं आएगी और मध्यम शक्तियों को मिलकर काम करना चाहिए। इसके बाद उन्होंने कनाडा को यूरोप के करीब लाने और एशिया में नए साझेदार तलाशने के प्रयास तेज किए हैं।
एपी गोला वैभव
वैभव

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