अमेरिका में नकली ओजेंपिक बेचने के आरोप में दो भारतीय नागरिकों पर मामला दर्ज
अमेरिका में नकली ओजेंपिक बेचने के आरोप में दो भारतीय नागरिकों पर मामला दर्ज
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 30 सितंबर (भाषा) अमेरिका की एक संघीय अदालत में दो भारतीय नागरिकों पर सीमा-पार नकली दवा ओजेंपिक के कथित वितरण से जुड़े षड्यंत्र और तस्करी के आरोप लगाए गए हैं और दोषी पाए जाने पर दोनों को अधिकतम 71 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
ओजेंपिक ऐसी दवा है जिसमें सेमाग्लूटाइड नामक सक्रिय घटक होता है। इसे मुख्य रूप से टाइप-2 मधुमेह से पीड़ित वयस्कों में ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) के नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए मंज़ूरी दी गई है।
फ्लोरिडा की संघीय अदालत में ग्रैंड जूरी द्वारा दायर अभियोग में आरोप लगाया गया है कि स्वप्नदीप रॉय, विक्की रमनचा और उनके अन्य सहयोगियों ने नकली ओजेंपिक अमेरिका में वितरकों को बेचा।
रॉय को इटली से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया और उसे मंगलवार को फ्लोरिडा के टाम्पा में अदालत में पेश किया गया। दोषी साबित होने पर दोनों को अधिकतम 71 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, जुलाई 2023 से अप्रैल 2024 के बीच रॉय और रमनचा ने कथित तौर पर चीन में मौजूद अनधिकृत स्रोतों से नकली ओजेंपिक हासिल किए।
दिसंबर 2023 में अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा कुछ नकली ओजेंपिक जब्त किए जाने और इन उत्पादों को लेकर सार्वजनिक चेतावनी जारी किए जाने के बाद भी कथित तौर पर यह गतिविधि जारी रही।
रॉय और रमनचा पर धोखा देने तथा तस्करी करने की साजिश का एक आरोप, तस्करी से जुड़े तीन आरोप और नकली दवाएं बेचने तथा बिक्री के दो आरोप लगाए गए हैं।
अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बयान में कहा, “दोषी पाए जाने पर रॉय और रमनचा दोनों को अधिकतम 71 वर्ष तक की जेल की सजा हो सकती है।”
न्याय विभाग के अपराध प्रभाग के सहायक अटॉर्नी जनरल ए. टायसन डुवा ने कहा, “नकली प्रिस्क्रिप्शन दवाएं उन सभी अमेरिकियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा हैं, जो दवा आपूर्ति व्यवस्था पर विश्वास करते हैं।”
उन्होंने कहा, “आरोप है कि इन आरोपियों ने लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का फायदा उठाकर पैसा कमाया। हम ऐसे हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे, जो नकली दवाओं के जरिए अमेरिकी उपभोक्ताओं को धोखा देने की कोशिश करता है।”
भाषा शोभना गोला
गोला

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