चीन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चिनफिंग की भागीदारी पर स्थिति साफ नहीं की

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चीन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चिनफिंग की भागीदारी पर स्थिति साफ नहीं की

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 08:09 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 08:09 PM IST

(केजेएम वर्मा)

बीजिंग, 30 जुलाई (भाषा) चीन ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह भारत में सितंबर में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को सफल बनाने के नयी दिल्ली के प्रयासों का समर्थन करता है। हालांकि, उसने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने से जुड़े सवाल का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बीजिंग में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा, “ब्रिक्स उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।”

उन्होंने कहा, “चीन ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को बहुत महत्व देता है और इसमें सक्रिय रूप से योगदान देता है। हम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए समूह की अध्यक्षता कर रहे भारत का समर्थन करते हैं।”

हालांकि, निंग ने इस सवाल का जवाब देने से परहेज किया कि क्या चिनफिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

उन्होंने कहा, “आपने जिस बात का जिक्र किया है, उनके बारे में मेरे पास अभी कोई जानकारी नहीं है।”

ब्रिक्स मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के बीच अंतर-सरकारी विचार-विमर्श और सहयोग के लिए 2009 में गठित अहम समूह था। 2024 में समूह का विस्तार करते हुए इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को शामिल किया गया। 2025 में इंडोनेशिया भी ब्रिक्स का सदस्य बन गया।

मौजूदा समय में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है। भारत 12-13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी की चीन यात्रा और उप विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग सहित विभिन्न चीनी अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत से जुड़े सवाल पर निंग ने कहा कि दोनों ने कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

उन्होंने कहा, “मिसरी और चुनयिंग ने दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी आम सहमति को लागू करने, आपसी राजनीतिक विश्वास को गहरा करने, विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान एवं सहयोग को बढ़ाने, मतभेदों एवं विवादों का उचित समाधान करने तथा चीन-भारत संबंधों के स्वस्थ एवं स्थिर विकास को बढ़ावा देने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।”

चीन में भारत के राजदूत रह चुके मिसरी बीजिंग की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान सोमवार को चुनयिंग से मिले थे।

निंग ने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के बीच उप-मंत्री और विदेश सचिव स्तर के तंत्र के तहत आयोजित की गई थी।

भाषा पारुल नरेश

नरेश