नई दिल्लीः China imposed tariff on America ब्रिक्स देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी देने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चीन ने बड़ा झटका दिया है। चीन ने अमेरिका के कई प्रोडक्ट पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। चीन की सरकार ने कहा कि वह कोयला और तरलीकृत प्राकृतिक गैस उत्पादों पर 15 प्रतिशत टैरिफ लागू करेगी, साथ ही कच्चे तेल, कृषि मशीनरी, बड़े विस्थापन वाली कारों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू करेगी। दरअसल, अमेरिका नेचीन के उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इसके बाद अब चीन की सरकार की ओर से यह फैसला लिया गया है।
China imposed tariff on America चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि कोयला, लिक्विफाइड नेचुरल गैस पर 15 फीसदी और कच्चेतेल, कृषि उपकरणों और कारों पर 10 फीसदी का टैरिफ लगाएगा। चीन ने कहा कि अमेरिका के एकतरफा प्रतिबंध और टैरिफ विश्व व्यापार संगठनों के नियमों का उल्लंघन करते हैं। इससे अमेरिका की कोई समस्या दूर नहीं होगी बल्कि चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते भी तबाह हो जाएंगे।
चीन ने अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल के खिलाफ एकाधिकार विरोधी जांच शुरू की है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने टंगस्टन, टेल्यूरियम, बिस्मथ, मोलिब्डेनम और इंडियम को निर्यात नियंत्रण सूची में जोड़ा है। चीन ने अमेरिकी कपड़ों की कंपनी PVH और बायोटेक्नोलॉजी कंपनी इलुमिना को अविश्वसनीय संस्थाओं की सूची में डाल दिया है। चीन सरकार का कहना है कि इन संस्थाओं ने चीनी उद्यमों के साथ सामान्य लेनदेन में बाधा डाली और उनके खिलाफ भेदभावपूर्ण उपाय अपनाए हैं।
चीन ने अमेरिका से आने वाले कोयला और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) पर 15% टैरिफ लगाया है, जबकि कच्चे तेल, कृषि मशीनरी और बड़ी विस्थापन वाली कारों पर 10% टैरिफ लागू किया है।
चीन ने अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
चीन ने अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल के खिलाफ एकाधिकार विरोधी जांच शुरू की है और अमेरिकी कपड़ों की कंपनी PVH और बायोटेक्नोलॉजी कंपनी इलुमिना को अविश्वसनीय संस्थाओं की सूची में डाल दिया है।
चीन ने टैरिफ लगाने के बाद क्या कहा?
चीन ने कहा कि अमेरिका के एकतरफा प्रतिबंध और टैरिफ विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का उल्लंघन करते हैं और इससे अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्ते प्रभावित होंगे।
क्या अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ विवाद से व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ेगा?
हां, चीन ने चेतावनी दी है कि इस तरह के एकतरफा कदमों से न केवल अमेरिका की समस्याएं हल नहीं होंगी, बल्कि दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते भी खराब हो जाएंगे।
चीन ने अमेरिकी कंपनियों पर किस कारण से कार्रवाई की है?
चीन ने अमेरिकी कंपनियों पर कार्रवाई की है क्योंकि उन्होंने चीनी उद्यमों के साथ सामान्य व्यापार में बाधाएं डालीं और उनके खिलाफ भेदभावपूर्ण उपाय अपनाए।