Sub Inspector Arrested Bribe Case: इस थाने का सब-इंस्पेक्टर घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार.. फरार आरोपी को दिया था जमानत दिलाने का झांसा, माँगी थी इतनी रकम..

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Sub Inspector Arrested Bribe Case: दिल्ली के पश्चिम विहार थाने में तैनात एएसआई रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, जमानत दिलाने का दिया था झांसा।

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 05:29 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 05:29 PM IST

Sub Inspector Arrested Bribe Case || Image- Symbolic (Canva)

HIGHLIGHTS
  • एएसआई रिश्वत लेते गिरफ्तार
  • 25 हजार की मांग का आरोप
  • सीबीआई ने जाल बिछाया

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली पुलिस के पश्चिम विहार थाने में तैनात एक सहायक सब-इंस्पेक्टर (Sub Inspector Arrested Bribe Case) को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये लेने का आरोप है।

मांगे थे 25 हजार रुपये

सीबीआई ने 7 फरवरी को इस मामले में केस दर्ज किया था। आरोप है कि एएसआई ने शिकायतकर्ता के भाई को जमानत दिलाने में मदद करने के लिए 25,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। साथ ही पैसे न देने पर अन्य मामलों में फंसाने की धमकी भी दी थी। सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को 15,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे जांच की जा रही है। इसी बीच, सीबीआई ने एक अन्य कार्रवाई में बैंक धोखाधड़ी के फरार आरोपी कृष्णमूर्ति रघुनाथ को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ कोलकाता के तीन बैंक धोखाधड़ी मामलों में आरोपपत्र दायर किया गया था।

गबन के फरार आरोपी से मांगे थे पैसे

आरोप है कि रघुनाथ, जो उस समय भारत ओवरसीज बैंक (अब इंडियन ओवरसीज बैंक) की बुर्राबाजार शाखा, कोलकाता में शाखा प्रबंधक थे। (Sub Inspector Arrested Bribe Case) उसने साथियों के साथ मिलकर फर्जी फर्मों के नाम पर खाते खोलकर करीब 38.25 लाख रुपये का गबन किया। बताया गया कि रघुनाथ वर्ष 2005 से फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और कर्नाटक में एक सप्ताह तक चले अभियान के बाद सीबीआई ने उसे खुफिया जानकारी और तकनीकी सहायता के आधार पर गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है।

अमेठी में भी उप-निरीक्षक हिरासत में

इसी तरह की एक और कार्रवाई उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में देखें को मिला है। यहाँ एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए इन्हौना थाने में तैनात उप निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने कस्बे के एक होटल में घेराबंदी कर यह कार्रवाई की।

जानकारी के अनुसार उप निरीक्षक राजेश पाल पर एक मुकदमे की विवेचना के नाम पर पीड़ित से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप था। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने जाल बिछाया। योजना के तहत पीड़ित को होटल में बुलाया गया, जहां उसके हाथों दरोगा को रिश्वत की रकम दी गई। जैसे ही उप निरीक्षक ने रुपये लिए, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।

कार्रवाई के बाद टीम आरोपी को अपने साथ ले गई। फिलहाल एंटी करप्शन टीम ने पूरे मामले में आधिकारिक बयान देने से इनकार किया है। वहीं, इस संबंध में क्षेत्राधिकारी दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इन्हें भी पढ़ें: –

Q1. रिश्वत लेने के आरोप में कौन गिरफ्तार हुआ है?

👉 पश्चिम विहार थाने में तैनात एक सहायक सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार हुआ है।

Q2. एएसआई ने कितनी रिश्वत मांगी थी?

👉 आरोपी ने जमानत दिलाने के नाम पर 25 हजार रुपये मांगे थे।

Q3. बैंक धोखाधड़ी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?

👉 फरार आरोपी कृष्णमूर्ति रघुनाथ को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया।