नयी दिल्ली, दस फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 फरवरी को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय बोर्ड को संबोधित करेंगी। इस दौरान वह वित्त वर्ष 2026-27 के बजट के मुख्य बिंदुओं के बारे में बताएंगी, जिनमें विनिर्माण को बढ़ावा देने के उपाय और कृषि एवं पर्यटन के लिए समर्थन शामिल है।
यह बैठक आरबीआई द्वारा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच प्रमुख नीतिगत दर (रेपो रेट) को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने के फैसले के कुछ दिन बाद होने जा रही है।
सूत्रों ने कहा कि बजट के बाद होने वाली यह बैठक 23 फरवरी के लिए निर्धारित है, जहां वित्त मंत्री बोर्ड के सदस्यों को संबोधित करेंगी और बजट 2026-27 में की गई उन घोषणाओं के बारे में बात करेंगी। इस बार के बजट में वृद्धि और राजकोषीय विवेक के बीच संतुलन बनाया गया है। बजट के बाद वित्त मंत्री का आरबीआई बोर्ड को संबोधित करना एक परंपरा है।
लोकसभा में एक फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा था, ‘‘जब से हमने 12 साल पहले कार्यभार संभाला है, भारत की आर्थिक दिशा स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, निरंतर वृद्धि और मध्यम मुद्रास्फीति की गवाह रही है।’’
सरकार ने ऋण-जीडीपी अनुपात को मार्च, 2031 तक घटाकर लगभग 50 प्रतिशत करने का एक नया मसौदा घोषित किया है, जिसके वित्त वर्ष 2026-27 में 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री के साथ वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, आर्थिक मामलों के सचिव, राजस्व सचिव, व्यय सचिव, वित्तीय सेवा सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
भाषा पाण्डेय अजय
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