चीन ने ईरान को कोई साजोसामान नहीं देने का अमेरिका से किया वादा: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि
चीन ने ईरान को कोई साजोसामान नहीं देने का अमेरिका से किया वादा: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि
(सागर कुलकर्णी)
वॉशिंगटन, 18 मई (भाषा) अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि चीन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से यह वादा किया है कि वह ईरान को ‘‘किसी भी प्रकार का साजो सामान मुहैया नहीं कराएगा।’’
रविवार को ‘एबीसी न्यूज’ को दिए गए साक्षात्कार में ग्रीर ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने चीन से होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में प्रत्यक्ष सहायता नहीं मांगी।
ग्रीर ने एबीसी न्यूज के ‘‘दिस वीक’’ कार्यक्रम में कहा ‘‘जब राष्ट्रपति गए तो उन्होंने उनसे (चीन से) होर्मुज जलडमरूमध्य में कार्रवाई करने के लिए नहीं कहा। उनका पूरा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर था कि वे ईरान को कोई सहायता न दें और उनसे (ट्रंप से) यह वादा किया गया।’’
ग्रीर ने कहा कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में चीन की ‘स्पष्ट रुचि’ है लेकिन वह प्रत्यक्ष रूप से इसमें शामिल नहीं होना चाहता।
ग्रीर ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति चीन के साथ संयुक्त सैन्य अभियान नहीं करना चाह रहे। मुझे नहीं लगता कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने कभी ऐसा किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जाहिर है, हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे हमारे प्रयासों की राह में नहीं आएं…।’’
पिछले साल के अधिकांश समय अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध छिड़ा रहा, लेकिन अमेरिका लौटते समय विमान में ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि शी चिनफिंग के साथ उनकी बातचीत में शुल्क का मुद्दा नहीं उठा। वहीं, ग्रीर ने कहा कि व्यापार वार्ता अवश्य हुई, लेकिन नेताओं के स्तर पर नहीं।
उन्होंने कहा, ‘‘नेताओं के मुझसे और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और हमारे स्टाफ सदस्यों जैसे लोगों से मिलने से पहले, हम अपने समकक्षों से मिलते है और कई मुद्दों पर बातचीत करते हैं ताकि राष्ट्रपतियों को उन पर ध्यान न देना पड़े, जैसे मैंने चीन के अपने समकक्षों के साथ की और इसीलिए उन्होंने (राष्ट्रपतियों) शुल्क पर बात नहीं की।’
ग्रीर ने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिका विशिष्ट वस्तुओं के व्यापार की शर्तों पर बातचीत करने के लिए चीन के साथ एक ‘व्यापार बोर्ड’ स्थापित करने पर विचार कर रहा है।
आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति की यात्रा में कुछ खास हासिल नहीं हुआ, इस पर ग्रीर ने कहा कि एक तथ्य पत्रक जल्द ही जारी किया जाएगा, लेकिन उन्होंने कई ऐसे बिंदुओं पर प्रकाश डाला जिन पर उनके अनुसार सहमति बनी थी।
उन्होंने कहा कि चीन कई मांस निर्यात केन्द्रों से अमेरिकी निर्यात फिर से शुरू करने, कुछ जैव प्रौद्योगिकी व्यापारों की समीक्षा करने और 200 बोइंग विमान खरीदने पर सहमत हो गया है, हालांकि चीन ने किसी भी समझौते के विवरण की पुष्टि नहीं की है।
उन्होंने कहा, ‘‘कई ठोस चीजें हो रही हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चीन के साथ हमारी रणनीतिक स्थिरता है।’’
भाषा शोभना वैभव
वैभव

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