ऑस्ट्रेलिया-वानुआतु सुरक्षा समझौते के कारण चीन सैन्य अड्डा नहीं बना सकेगा

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ऑस्ट्रेलिया-वानुआतु सुरक्षा समझौते के कारण चीन सैन्य अड्डा नहीं बना सकेगा

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 03:37 PM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 03:37 PM IST

मेलबर्न, 29 जून (एपी) ऑस्ट्रेलिया और वानुआतु ने सोमवार को लंबे समय से अटके एक द्विपक्षीय सुरक्षा और आर्थिक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य दक्षिण प्रशांत द्वीपीय देश वानुआतु में चीन को सैन्य अड्डा स्थापित करने से रोकना है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और वानुआतु के प्रधानमंत्री जोथम नापात ने राजधानी कैनबरा में ‘नाकामल समझौते’ पर हस्ताक्षर किए।

इससे पहले सितंबर 2025 में वानुआतु ने इस समझौते के प्रारंभिक मसौदे को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इससे देश की आधारभूत ढांचा निवेश आकर्षित करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

अल्बनीज ने पत्रकारों से कहा कि यह समझौता वानुआतु के सबसे बड़े आर्थिक, सुरक्षा और विकास साझेदार के रूप में ऑस्ट्रेलिया की भूमिका की पुष्टि करता है। वहीं, नापात ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान, विश्वास और शांतिपूर्ण, स्थिर तथा समृद्ध प्रशांत क्षेत्र की साझा सोच को मजबूत करेगा।

एक सरकारी बयान के अनुसार, समझौते के तहत वानुआतु अपने क्षेत्र में किसी भी विदेशी सैन्य अड्डे या सैन्य ढांचे की स्थापना की अनुमति नहीं देगा और अपने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सैन्यीकरण, विदेशी हस्तक्षेप तथा अनधिकृत पहुंच से सुरक्षित रखेगा। हालांकि, महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किसी तीसरे देश की भागीदारी पर वह ऑस्ट्रेलिया से परामर्श करेगा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को वीटो का अधिकार नहीं होगा।

नापात ने कहा कि चीन के साथ प्रस्तावित ‘नामेले समझौता’ अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है और बीजिंग की मंजूरी मिलने के बाद उसे सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुरक्षा नहीं, बल्कि व्यापक विकास सहयोग का समझौता है।

चीन ने वानुआतु में इमारतों, बंदरगाहों और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर ऋण और सहायता प्रदान की है।

एपी गोला संतोष

संतोष