खुद को सबसे पहले अमेरिकी नागरिक समझें प्रवासी: वेंस

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खुद को सबसे पहले अमेरिकी नागरिक समझें प्रवासी: वेंस

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 09:58 AM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 09:58 AM IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 15 अप्रैल (भाषा) अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने कहा है कि अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने वाले प्रवासियों को खुद को अमेरिकी समझना चाहिए, न कि उस देश का नागरिक जहां से वे आए हैं।

वेंस ने जॉर्जिया विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी शादी भारतीय प्रवासी की बेटी से हुई है जिन्होंने अमेरिका में बहुत योगदान दिया है लेकिन उनके ससुर ने उनसे कभी भी विशेष रूप से अपने मूल देश के हित में कुछ भी करने के लिए नहीं कहा।

भारतीय मूल की एक छात्रा के प्रश्न के उत्तर में वेंस ने कहा, ‘‘जब आप अमेरिकी नागरिक बनते हैं, फिर चाहे आपके परिवार की नौ पीढ़ियां अमेरिका में रही हों या आपके परिवार की एक भी पीढ़ी अमेरिका में नहीं रही हो, ऐसे में जिस जिम्मेदारी की नागरिकों से अपेक्षा की जाती है उनमें से एक यह है कि आपको देश के सर्वोत्तम हित के बारे में सोचना होगा न कि उस देश के बारे में जिससे आप पहले आए थे या किसी भी समूह के बारे में जिससे आप आए थे।’’

छात्रा ने एच1-बी वीजा प्रणाली में धोखाधड़ी की शिकायत की और कहा कि उसके माता-पिता को अब तक ग्रीन कार्ड नहीं मिले हैं।

उपराष्ट्रपति ने ‘टर्निंग पॉइंट यूएसए’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘आपको खुद को एक अमेरिकी के रूप में सोचना होगा। यह व्यवस्था तभी काम करती है जब हर कोई खुद को एक अमेरिकी के रूप में सोचे।’’ ‘टर्निंग पॉइंट यूएसए’ एक गैर-लाभकारी संगठन है जो शैक्षणिक संस्थानों में रूढ़िवादी राजनीति को बढ़ावा देता है।

वेंस ने अपने सीनेट चुनाव प्रचार के दौरान हुई एक घटना को याद किया जिसमें यूक्रेनी मूल के एक अमेरिकी ने उनसे उसके देश (यूक्रेन) का समर्थन करने के लिए कुछ करने का अनुरोध किया था।

वेंस ने उस घटना को याद करते हुए यूक्रेनी मूल के अमेरिकी से कही गई अपनी बात का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘महोदय, पूरे सम्मान के साथ मैं कहना चाहता हूं कि यदि आप एक अमेरिकी हैं तो आपका देश अमेरिका है न कि वह स्थान जहां से आप कभी भी आकर बसे हैं।’’

वेंस ने कहा कि उनके ससुर भारत से अमेरिका आए, यहीं शिक्षा प्राप्त की और अमेरिकी नागरिक बन गए।

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘…मेरे जीवन में उन्होंने कभी भी, एक बार भी मुझसे ये नहीं कहा कि ‘आपको यह करना होगा’ या ‘आपको यह करना चाहिए’ क्योंकि यह उस देश के सर्वोत्तम हित में है जहां से मैं आया हूं।’’

उपराष्ट्रपति का विवाह उषा वेंस से हुआ है। उषा वेंस लक्ष्मी और राधाकृष्ण चिलिकुरी की बेटी हैं जो 1980 के दशक में अमेरिका में आकर बस गए थे।

उन्होंने कहा कि एच-1बी प्रणाली में बहुत धोखाधड़ी होती है, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पूर्व में अमेरिका आये लोगों ने इस देश को समृद्ध बनाया है।

भाषा सुरभि अमित

अमित