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Iran America Meeting Pakistan: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ सकती है। ट्रंप के अनुसार, ईरान के साथ बातचीत के अगले चरण को लेकर तैयारियां जारी हैं और आने वाले दो दिनों के भीतर इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिल सकती है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कूटनीतिक हलकों में चर्चाएं बढ़ गई हैं।
ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता का अगला दौर पाकिस्तान में आयोजित किया जा सकता है। यह बैठक दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच बातचीत के प्रयास हुए हैं, लेकिन कई मुद्दों पर सहमति न बनने के कारण ठोस परिणाम सामने नहीं आ सके थे। अब नए सिरे से बातचीत की पहल को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता पर इसका सीधा असर पड़ता है।
बता दें कि, इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को लेकर बैठक हुई। हालांकि, दोनों ही देशों की ओर से कहा गया है कि बैठक के बाद आपसी सहमति नहीं हुई है। खबर आई है कि, दोनों देश अपने अपने मुद्दों पर अड़े हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच अब तक करीब 15 से 21 घंटे तक गहन बातचीत हो चुकी, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। बातचीत का फोकस अब तकनीकी मुद्दों पर शिफ्ट हो गया, जिसमें परमाणु कार्यक्रम और सुरक्षा से जुड़े पहलू शामिल हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट कहा कि अभी तक किसी समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है। उनके अनुसार, ईरान ने अमेरिका की प्रमुख शर्तों को स्वीकार नहीं किया है, जिससे वार्ता आगे बढ़ने में मुश्किल हो रही है। वेंस ने यह भी दोहराया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल न कर सके। वहीं, ईरानी मीडिया के हवाले से दावा किया गया है कि ताजा दौर की बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य समेत कई रणनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं। खासतौर पर अमेरिका की शर्तों को लेकर ईरान ने नाराजगी जताई है और कहा है कि वॉशिंगटन अपनी मांगें थोपने की कोशिश कर रहा है, जिसके चलते बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई।
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