दुबई, 17 जून (एपी) अमेरिका से युद्ध खत्म करने के लिए होने वाले एक अस्थायी समझौते के बाद ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए कदम उठाएगा, जिसके बदले में उसे बिना किसी प्रतिबंध के तेल बेचने की अनुमति दी जाएगी। अंतरिम समझौते की लीक हुई प्रतियों से यह जानकारी मिली है।
समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक समारोह में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाने हैं। इसमें कहा गया है कि अमेरिका युद्ध के बाद ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब अमेरिकी डॉलर देगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित अंतिम समझौता होने के बाद तेहरान पर लगाए गए सभी अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को समाप्त करने की दिशा में काम करेगा।
अमेरिका की ओर से ईरान को तुरंत स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति देने और बाद में सभी प्रतिबंध हटाने के प्रस्ताव को उन रियायतों से भी बड़ा माना जा रहा है, जो ईरान को 2015 के परमाणु समझौते के तहत दी गई थीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका को 2015 के समझौते से अलग कर लिया था और उसे “सबसे खराब समझौता” बताया था।
माना जा रहा है कि इस नए समझौते की अमेरिका में कड़ी आलोचना हो सकती है और यह इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है, जिन्होंने 28 फरवरी को ट्रंप के साथ मिलकर युद्ध शुरू किया था।
समझौते में लेबनान में इजराइल और ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्ला के बीच तुरंत लड़ाई समाप्त करने की बात कही गई है। यह समझौते का सबसे संवेदनशील हिस्सा है क्योंकि इजराइल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए लेबनान के बड़े हिस्सों पर नियंत्रण बनाए रखेगा।
ईरान ने कहा है कि समझौते के तहत इजराइल को पीछे हटना होगा, लेकिन लीक हुई प्रतियों में इसका कोई उल्लेख नहीं है।
दोनों पक्षों को अंतिम समझौता होने से पहले 60 दिन तक वार्ता करनी है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित न कर सके, इसके लिए यह वार्ता जरूरी है।
एपी जोहेब मनीषा
मनीषा