प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक में व्यापार एवं रक्षा मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना

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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक में व्यापार एवं रक्षा मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना

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  • Publish Date - June 17, 2026 / 03:11 PM IST,
    Updated On - June 17, 2026 / 03:11 PM IST

एवियॉन, 17 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को कई अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगे। उम्मीद है कि इस बातचीत में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने और रक्षा, ऊर्जा व महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर मुख्य रूप से चर्चा होगी।

दोनों देशों के बीच जारी तनाव के माहौल में होने वाली बैठक से एक दिन पहले ‘जी-7’ नेताओं की एक बैठक में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का हालचाल पूछा और थोड़ी देर बातचीत की, जो 16 महीनों में उनकी आमने-सामने की पहली मुलाकात थी।

मोदी और ट्रंप दोनों ही ‘जी-7’ शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस के एवियॉन शहर में हैं।

हालांकि उनके बीच हुई संक्षिप्त बातचीत का विवरण पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस मुलाकात ने उनकी अहम वार्ता के लिए माहौल तैयार कर दिया है। दोनों नेताओं के बीच पिछली बार आमने-सामने की मुलाकात ट्रंप के दूसरे शपथग्रहण समारोह के कुछ हफ्ते बाद फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी।

पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के बाद, दोनों पक्ष अब द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करने पर विचार कर रहे हैं।

वाशिंगटन द्वारा भारत पर दंडात्मक शुल्क (टैरिफ) लगाए जाने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव को कम करने में अपनी भूमिका के बारे में विवादास्पद दावे किए जाने के कारण दोनों देशों के संबंधों में भारी गिरावट आ गई थी।

इसके बाद भी ट्रंप बार-बार और सार्वजनिक रूप से दावा करते रहे कि उन्होंने दो पड़ोसी देशों के बीच सैन्य टकराव को सुलझाकर लाखों लोगों की जान बचाने का काम किया, क्योंकि मामला पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ रहा था।

नयी दिल्ली ने ज़ोर देकर कहा कि लड़ाई का रुकना भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का नतीजा था और इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी।

हालांकि, पिछले कुछ महीनों में दोनों पक्षों ने रिश्तों को सुधारने के प्रयास किए और जल्द ही पारस्परिक लाभ वाले व्यापार समझौते को पक्का करने की दिशा में भी आगे बढ़े।

पिछले हफ़्ते, ओमान अपतटीय क्षेत्र में अमेरिकी सेना द्वारा तीन व्यापारिक जहाज़ों पर किए गए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद दोनों देशों के रिश्तों में फिर से तनाव आ गया।

मंगलवार को जी-7 के एक सत्र में अपनी बात रखते हुए मोदी ने कहा कि सभी देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें और समुद्री कर्मी बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।

हमलों में एक जहाज़ पर सवार तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जिसके बाद नयी दिल्ली ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी जेसन मीक्स को तलब किया और कहा कि इस तरह के हमले ‘‘अस्वीकार्य’’ हैं।

मोदी और ट्रंप के बीच बुधवार को होने वाली बैठक में, दोनों नेताओं के द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करने की उम्मीद है, जिसमें व्यापार समझौते के लिए जारी बातचीत और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदम शामिल हैं।

दोनों नेता ऊर्जा सुरक्षा, पश्चिम एशिया संकट और रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे अहम भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस पहुंचे, क्योंकि भारत को इस सम्मेलन में अतिथि देश के तौर पर आमंत्रित किया गया है।

दुनिया की सात सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं वाले देश ‘जी-7’ का हिस्सा हैं, जिनमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। यूरोपीय संघ भी इस समूह का सदस्य है।

मोदी स्लोवाकिया की अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद जी-7 में शामिल होने फ्रांस के एवियॉन शहर पहुंचे।

भाषा नेत्रपाल संतोष

संतोष

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