रोम, पांच अगस्त (एपी) संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने मंगलवार को कहा कि अफगानिस्तान के एक-तिहाई प्रांतों में बच्चों में कुपोषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। साथ ही चेतावनी दी कि धन की कमी के कारण खाद्यान्न वितरण और अन्य सहायता कार्यक्रमों में कटौती की जा रही है, जिससे स्थिति और खराब होने की आशंका है।
अफगानिस्तान में डब्ल्यूएफपी के निदेशक जॉन एयलिफ ने एक बयान में कहा, ‘‘बच्चों की मौतों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए हमें तुरंत कदम उठाने होंगे, क्योंकि यह संकट इन्हें बढ़ावा दे रहा है। बहुत से बच्चों के लिए अब बहुत देर हो चुकी है।’’
अफगानिस्तान अब भी दशकों के संघर्ष और राजनीतिक उथल-पुथल से उबरने की कोशिश कर रहा है। इसमें 2021 में अमेरिकी सेना की वापसी और तालिबान के सत्ता में आने के बाद की परिस्थितियां भी शामिल हैं।
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय की प्रवक्ता ओल्गा चेरेवको ने कहा कि पोषण विशेषज्ञों के अनुसार देश के तीन-चौथाई से अधिक हिस्सों में इस वर्ष बच्चों में ‘गंभीर तीव्र कुपोषण’ (वेस्टिंग) की स्थिति और बिगड़ गई है।
‘वेस्टिंग’ से पीड़ित बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित होते हैं, उनकी लंबाई के अनुपात में वजन बहुत कम हो जाता है और उन्हें तुरंत चिकित्सीय पोषण की आवश्यकता होती है।
डब्ल्यूएफपी ने बताया कि 2025 में सहायता में कटौती के कारण 142 स्वास्थ्य केंद्र बंद हो गए, जिससे 13,000 से अधिक बच्चों की पोषण उपचार तक पहुंच समाप्त हो गई। संगठन ने किसी विशेष दानदाता देश, जैसे अमेरिका का नाम नहीं लिया, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने विदेशी सहायता में व्यापक कटौती की है।
डब्ल्यूएफपी के अनुसार, इस वर्ष करीब 37 लाख अफगान बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा 12 लाख गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के भी कुपोषण की चपेट में आने की आशंका है।
एजेंसी ने कहा कि अफगानिस्तान के 12 प्रांतों में बच्चों में तीव्र कुपोषण गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है, जो अब तक की सबसे अधिक संख्या है। इसके लिए संघर्ष, बेरोजगारी, खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें, बीमारियों का फैलना, स्वच्छ पानी और स्वच्छता सुविधाओं की कमी तथा मानवीय सहायता में कटौती जैसे कारण जिम्मेदार हैं।
डब्ल्यूएफपी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष विशेष रूप से ईरान युद्ध और पाकिस्तान की सीमा नौ महीने तक बंद रहने के कारण पोषण संबंधी उत्पादों की आपूर्ति बाधित हुई है। इसके चलते करीब 10 लाख कुपोषित महिलाओं और बच्चों को पिछले पांच महीनों से आवश्यक पोषण सेवाएं नहीं मिल सकी हैं।
डब्ल्यूएफपी ने कहा कि अगले छह महीनों के लिए उसे 54 करोड़ अमेरिकी डॉलर की तत्काल आवश्यकता है।
एपी गोला वैभव
वैभव