चेक गणराज्य ने नाटो की सदस्यता के लिए फिनलैंड, स्वीडन का समर्थन किया

चेक गणराज्य ने नाटो की सदस्यता के लिए फिनलैंड, स्वीडन का समर्थन किया

चेक गणराज्य ने नाटो की सदस्यता के लिए फिनलैंड, स्वीडन का समर्थन किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:56 pm IST
Published Date: May 18, 2022 10:18 pm IST

प्राग, 18 मई (एपी) चेक गणराज्य की सरकार ने फिनलैंड और स्वीडन के नाटो की सदस्यता के लिए अनुरोध प्रस्तुत किए जाने के कुछ ही घंटों बाद सर्वसम्मति से इसे मंजूरी दे दी।

प्रधानमंत्री पेत्र फियाला ने बुधवार को कहा कि वह उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल होने के स्कैंडिनेवियाई देशों के फैसलों का स्वागत करते हैं। फियाला ने कहा कि दोनों देशों की सेनाएं सभी आवश्यक मानदंडों को पूरा करती हैं।

चेक गणराज्य की संसद के दोनों सदनों में भी इसकी मंजूरी दी जाएगी, जिसके लिए जल्द सत्र का आयोजन होगा। फियाला ने कहा कि उन्हें किसी भी अवरोध की आशंका नहीं है, क्योंकि दोनों सदनों में सत्तारूढ़ दल के पास बहुमत है।

वॉरसॉ : पोलैंड अपने पड़ोस के यूक्रेन में युद्ध के कारण इस महीने नयी सैन्य सेवा की शुरुआत करेगा। पोलैंड की सेना ने बुधवार को कहा कि स्वयंसेवक वेतन के साथ एक साल तक सेवा करने में सक्षम होंगे, जिसे दीर्घकालिक या पेशेवर सेवा में बदला जा सकता है।

कार्यक्रम में प्रवेश करने वालों को एक सैन्य इकाई के साथ 28 दिवसीय प्रशिक्षण और फिर 11 महीने की सेवा में रहना होगा। इन स्वयंसेवकों को उनकी इकाई के साथ या बाहर समायोजित किया जाएगा।

पोलैंड 1999 से नाटो का सदस्य है। देश में 1,11,500 पेशेवर सैनिक और 32,000 स्वयंसेवी क्षेत्रीय सैनिक हैं।

बर्लिन : जर्मनी ने कहा है कि उसे विश्वास है कि स्वीडन और फिनलैंड नाटो के सदस्य तुर्की की मौजूदा आपत्तियों के बावजूद गठबंधन में शामिल हो सकेंगे।

जर्मनी की सरकार की प्रवक्ता क्रिस्टियन हॉफमैन ने बर्लिन में संवाददाताओं से कहा कि जर्मनी तुर्की द्वारा उठाए गए मुद्दों को हल करने के लिए ‘‘सक्रिय रूप से काम कर रहा है।’’ हालांकि उन्होंने इस बारे में आगे कुछ नहीं बताया।

एपी आशीष दिलीप

दिलीप


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