ड्रोन हमले के कारण यूएई में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बाहर आग लगी
ड्रोन हमले के कारण यूएई में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बाहर आग लगी
दुबई, 17 मई (एपी) ड्रोन हमले के कारण रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बाहर आग लग गई। इसमें किसी के हताहत होने या रेडियोधर्मी विकिरण की सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह ड्रोन हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम जारी है, लेकिन तनाव अब भी बहुत अधिक है और इससे पश्चिम एशिया में फिर से युद्ध छिड़ने का खतरा है।
किसी ने भी संयंत्र पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली और यूएई ने भी किसी पर आरोप नहीं लगाया। हालांकि, यूएई ने हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ईरान पर कई ड्रोन और मिसाइल हमले करने का आरोप लगाया है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है जिस पर ईरान का अब भी पूरा नियंत्रण है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है।
बरकाह संयंत्र यूएई की एक चौथाई ऊर्जा की आपूर्ति कर सकता है। इस संयंत्र का निर्माण यूएई ने दक्षिण कोरिया की सहायता से किया था और यह 2020 में चालू हुआ था। यह अरब जगत का पहला और एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र है।
यूएई के परमाणु नियामक ने कहा कि आग की घटना से संयंत्र की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा। नियामक ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘सभी इकाइयां सामान्य रूप से काम कर रही हैं।’’
वियना आधारित अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा कि हमले के कारण एक विद्युत जनरेटर में आग लग गई और एक रिएक्टर को आपातकालीन डीजल जनरेटर से बिजली आपूर्ति की जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आईएईए के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने घटना पर ‘‘गंभीर चिंता’’ व्यक्त की और कहा कि परमाणु सुरक्षा को खतरे में डालने वाली सैन्य गतिविधि अस्वीकार्य है।
चार रिएक्टर वाले बरकाह संयंत्र को युद्ध के दौरान पहली बार निशाना बनाया गया है। यह संयंत्र सऊदी अरब की सीमा के पास, यूएई की राजधानी अबू धाबी से लगभग 225 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया था कि उसने 2017 में निर्माणाधीन संयंत्र को निशाना बनाया, जिसे उस समय अबू धाबी ने नकार दिया था।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग फिर से शुरू होने का संकेत दिया है, और ईरानी सरकारी टेलीविजन ने लोगों को युद्ध के लिए तैयार रहने का संदेश देते हुए कई बार ऐसे कार्यक्रम प्रसारित किए हैं जिनमें एंकर कलाश्निकोव राइफल पकड़े हुए दिखाई देते हैं।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को अपने मंत्रिमंडल को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ईरान के मामले में हम नजर बनाए हुए हैं।’’ नेतन्याहू ने कहा कि वह ट्रंप से बातचीत करेंगे और उनकी चीन यात्रा तथा ‘‘शायद’’ कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं।’’
लेबनान में युद्धविराम के बावजूद, इजराइल और ईरान समर्थित हिज़्बुल्ला चरमपंथी समूह के बीच भी लड़ाई तेज हो गई है, जिससे व्यापक शांति समझौते पर दबाव और बढ़ गया है।
एपी आशीष नेत्रपाल
नेत्रपाल

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