नेपाल के निर्वाचन आयोग ने मीडिया से चुनावपूर्व जनमत सर्वेक्षण नतीजे जारी न करने का आग्रह किया

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नेपाल के निर्वाचन आयोग ने मीडिया से चुनावपूर्व जनमत सर्वेक्षण नतीजे जारी न करने का आग्रह किया

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  • Publish Date - February 17, 2026 / 09:15 PM IST,
    Updated On - February 17, 2026 / 09:15 PM IST

(शिरीष बी प्रधान)

काठमांडू, 17 फरवरी (भाषा) नेपाल के निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को मीडिया से आग्रह किया कि आम चुनावों से पहले जनमत सर्वेक्षणों (ओपिनियन पोल) के परिणाम सार्वजनिक न किए जाएं, क्योंकि इससे ‘‘स्वस्थ प्रतिस्पर्धी माहौल’’ को नुकसान पहुंच सकता है।

नेपाल में पांच मार्च को प्रतिनिधि सभा के चुनाव होने हैं। यह चुनाव पिछले वर्ष ‘जेन-जेड’ के उग्र विरोध प्रदर्शनों के बाद पहली बार हो रहे हैं, जिनके कारण के.पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता से हट गई थी।

नेपाल के कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने कहा, ‘‘मीडिया को पांच मार्च के चुनाव से पहले ऐसे जनमत सर्वेक्षणों के नतीजे प्रकाशित नहीं करने चाहिए, क्योंकि इससे मतदाताओं का मोहभंग हो सकता है और उम्मीदवारों का मनोबल गिर सकता है, जिससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धी माहौल प्रभावित होगा।’’

भंडारी ने काठमांडू में आयोजित मतदाता शिक्षा और चुनाव जागरूकता अभियान के दौरान यह बात कही। इस कार्यक्रम में सोशल मीडिया उपयोगकर्ता, ब्लॉगर्स और अभिनेता भी शामिल हुए।

उन्होंने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को आगाह किया कि तकनीक के दुरुपयोग के जरिए चुनाव के तटस्थ माहौल को बिगाड़ने की आशंका होती है।

उन्होंने आग्रह किया कि चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया मंचों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से तैयार की गई भ्रामक सामग्री न फैलाई जाए।

एक अलग घटनाक्रम में बताया गया कि चुनाव के लिए आवश्यक सभी मतपत्रों की छपाई पूरी कर ली गई है।

सरकार के स्वामित्व वाले ‘जनक एजुकेशन मैटेरियल सेंटर लिमिटेड’ के प्रबंध निदेशक यदुनाथ पौडेल ने कहा कि मतपत्रों को जल्द ही संबंधित प्रांतों में भेज दिया जाएगा।

भाषा गोला माधव

माधव