न्यायिक स्वतंत्रता की चिंता पर यूरोपीय संघ ने पोलैंड को अदालत में चुनौती दी

न्यायिक स्वतंत्रता की चिंता पर यूरोपीय संघ ने पोलैंड को अदालत में चुनौती दी

न्यायिक स्वतंत्रता की चिंता पर यूरोपीय संघ ने पोलैंड को अदालत में चुनौती दी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:03 pm IST
Published Date: March 31, 2021 12:46 pm IST

ब्रसेल्स, 31 मार्च (एपी) पोलैंड में कानून के राज के प्रति लंबे समय से व्याप्त चिंता और देश के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की स्वतंत्रता के मुद्दे पर यूरोपीय संघ ने पोलैंड को ‘यूरोपियन कोर्ट ऑफ जस्टिस’ में चुनौती दी है।

ईयू के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इससे पहले ईयू के कार्यकारी आयोग ने पोलैंड को चेताया था कि यदि सरकार ने न्यायिक शक्तियों पर पोलैंड के कानून की समस्याओं को ठीक करने के लिए कदम नहीं उठाया तो वह यूरोपियन कोर्ट ऑफ जस्टिस का रुख कर सकता है।

ईयू न्याय आयुक्त डिडियर रेंडर्स ने कहा, “कानून का उल्लंघन करने पर दंडात्मक प्रकिया की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।”

पोलैंड में सर्वोच्च न्यायालय के ‘डिसिप्लिनरी चैंबर’ को ऐसे निर्णय लेने की अनुमति दे दी गई है जिससे न्यायाधीशों और उनके कामकाज पर सीधा असर पड़ा है।

इसके लिए यूरोपीय आयोग, पोलैंड को ईयू के कानून का उल्लंघन करने का दोषी मानता है। आयोग का कहना है कि चैंबर की स्वतंत्रता और पारदर्शिता की कोई गारंटी नहीं है।

एपी यश नरेश

नरेश


लेखक के बारे में