रूस-यूक्रेन युद्ध, प.एशिया संघर्ष के बीच यूरोपीय संघ प्रमुख ने मजबूत, स्वतंत्र यूरोप का आह्वान किया

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रूस-यूक्रेन युद्ध, प.एशिया संघर्ष के बीच यूरोपीय संघ प्रमुख ने मजबूत, स्वतंत्र यूरोप का आह्वान किया

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 08:00 PM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 08:00 PM IST

स्ट्रासबर्ग (फ्रांस), 16 सितंबर (भाषा) यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को एक मजबूत और अधिक स्वतंत्र यूरोप की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में संघर्ष, चीन के साथ आर्थिक प्रतिस्पर्धा, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और यूरोप की सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरों के कारण दुनिया के तेजी से प्रतिकूल होते माहौल को लेकर चेतावनी भी दी।

यूरोपीय संसद के वार्षिक ‘स्टेट ऑफ द यूरोपियन यूनियन’ संबोधन में, फ्रांस के स्ट्रासबर्ग शहर में, जहां यूरोपीय संसद के पूर्ण सत्र आयोजित होते हैं, वॉन डेर लेयेन ने ग्रीनलैंड को लेकर पैदा हुए खतरों पर यूरोप की प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया। हालांकि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया, जिनके प्रशासन ने डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने में बार-बार रुचि दिखाई है।

यूरोपीय संघ (ईयू) ने पहले भी डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एकजुटता व्यक्त की है और क्षेत्रीय अखंडता तथा संप्रभुता के महत्व पर जोर दिया है।

उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से आयातित जीवाश्म ईंधनों पर यूरोपीय संघ को अतिरिक्त 90 अरब यूरो खर्च करने पड़े हैं, जबकि इससे ऊर्जा आपूर्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।

वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोप को आयातित जीवाश्म ईंधनों, चीन और अन्य बाहरी आपूर्तिकर्ताओं पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी, जबकि उसे अपनी रक्षा क्षमताओं, उद्योगों और आंतरिक बाजार को मजबूत करना होगा।

उन्होंने सांसदों से कहा, “हमारे संघ (यूरोपीय संघ) की स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत है। लेकिन हमारे संघ की स्थिति उतनी ही अस्थिर भी महसूस हो सकती है, जितनी पहले कभी रही है।”

ईयू प्रमुख ने नाटो के अनुच्छेद 4 की तर्ज पर एक “आपात सुरक्षा प्रोटोकॉल” का भी प्रस्ताव रखा। इसके तहत किसी एक ईयू सदस्य देश में सुरक्षा संबंधी घटना होने पर सभी सदस्य देशों के बीच परामर्श शुरू किया जा सकेगा, ताकि प्रतिक्रिया का समन्वय किया जा सके, तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके तथा उसके प्रभाव को कम किया जा सके।

अलग से, उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ को एक यूरोपीय सुरक्षा परिषद का गठन करना चाहिए, जिसमें कनाडा, नॉर्वे, यूक्रेन और ब्रिटेन जैसे साझेदारों को शामिल किया जाए।

यूरोपीय संघ की स्थिति पर वार्षिक संबोधन यूरोपीय संघ के प्रमुख राजनीतिक कार्यक्रमों में से एक है। इसकी शुरुआत 2010 में हुई थी और बुधवार का संबोधन वॉन डेर लेयेन का छठा संबोधन था।

उन्होंने कहा, “इस दुनिया में यूरोप ने अपना रास्ता खुद बनाने का विकल्प चुना है। और अब एक अधिक मजबूत, स्वतंत्र यूरोप उभर रहा है।”

उनके सुरक्षा संबंधी संदेश में यूक्रेन युद्ध प्रमुख मुद्दा बना रहा। वॉन डेर लेयेन ने कहा कि रूस का “आक्रामक युद्ध” जारी है और उन्होंने रूसी एजेंटों पर यूरोपीय धरती पर सैन्य स्तर की सामग्री का इस्तेमाल कर हमला करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आगामी सर्दियों के दौरान यूक्रेन के लिए और अधिक समर्थन देने का वादा किया, जिसमें मानवीय सहायता तथा देश के ऊर्जा और गर्मी पैदा करने वाले ढांचे की सुरक्षा के लिए कदम शामिल हैं।

पश्चिम एशिया भी उनकी विदेश नीति के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। वॉन डेर लेयेन ने कहा कि गाजा में लोगों की पीड़ा और वेस्ट बैंक में बस्तियां बसाने वालों की हिंसा ने यूरोपीय लोगों को गहराई से प्रभावित किया है।

भाषा प्रशांत गोला

गोला