यूरोपीय संघ ने डीपफेक, अवैध तस्वीरों और हैकिंग पर नकेल कसने के लिए नयी टीम का गठन किया

यूरोपीय संघ ने डीपफेक, अवैध तस्वीरों और हैकिंग पर नकेल कसने के लिए नयी टीम का गठन किया

यूरोपीय संघ ने डीपफेक, अवैध तस्वीरों और हैकिंग पर नकेल कसने के लिए नयी टीम का गठन किया
Modified Date: July 31, 2026 / 07:59 pm IST
Published Date: July 31, 2026 7:59 pm IST

ब्रसेल्स, 31 जुलाई (एपी) दुनिया भर की एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) कंपनियों पर लगाम लगाने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) ने शुक्रवार को एक नयी टीम का गठन किया।

दुनिया भर में तेजी से बढ़ती एआई तकनीक से लोगों, राजनीति और अर्थव्यवस्था पर मंडराते खतरों को लेकर चिंताएं बढ़ गयी हैं।

ईयू का यह दल नए नियमों के उल्लंघन के मामलों पर नजर रखेगा। इसमें यौन सामग्री का प्रकाशन, फर्जी फोटो-वीडियो और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर साइबर खतरे शामिल हैं। जैसे ही इस संगठन का एआई कानून लागू होगा, एआई कंपनियों के लिए यह अनिवार्य हो जाएगा कि वे उपभोक्ताओं को लेबल या डिजिटल वाटरमार्क के जरिए स्पष्ट रूप से बताएं कि तस्वीर या सामग्री एआई द्वारा बनाई गई है।

ईयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे नियम लागू हो रहे हैं, हम एक ऐसे एआई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं जिसे लोग समझ सकें, जिस पर भरोसा कर सके और जिसके लाभ पूरे समाज में साझा हों।’’

ईयू अतिरिक्त 38 कर्मियों के साथ ब्रसेल्स में अपने एआई कार्यालय का विस्तार कर रहा है, जो नयी कंपनियों से लेकर ओपेनएआई और डीपसीक जैसी अमेरिकी और चीनी तकनीकी दिग्गजों तक की निगरानी करेगा।

एपी अविनाश पवनेश

पवनेश


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