कोरोना टीका लगवाने के बाद कसरत करने से बढ़ती है एंटीबॉडी, रिसर्च में दावा

कोविड-19 टीका लगवाने के बाद कसरत करने से बढती हैं एंटीबॉडी: अध्ययन

  •  
  • Publish Date - February 15, 2022 / 02:21 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:52 PM IST

Covid vaccine onn Exercise : वाशिंगटन, 15 फरवरी (भाषा) कोविड-19 या किसी फ्लू से बचने के लिए टीकाकरण कराने के बाद 90 मिनट तक हल्की या मध्यम स्तर की कसरत करके शरीर में एंटीबॉडी की मात्रा बढ़ाई जा सकती हैं। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है। इस अध्ययन के निष्कर्ष ‘ब्रेन, बिहेवियर एंड इम्युनिटी’ पत्रिका में प्रकाशित किए गए है।

पढ़ें- लालू फिर जाएंगे जेल! चारा घोटाले के एक और मामले में दोषी करार, 139 करोड़ के अवैध निकासी का मामला

अध्ययन में शामिल जिन लोगों ने टीकाकरण कराने के बाद डेढ़ घंटे तक साइकिल चलाई या सैर की, उनमें आगामी चार सप्ताह में उन लोगों की तुलना में अधिक एंटीबॉडी बनीं, जिन्होंने टीकाकरण के बाद किसी प्रकार का व्यायाम नहीं किया था। अमेरिका स्थित ‘आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी’ के अनुसंधानकर्ताओं ने भी चूहों और ट्रेडमिल का इस्तेमाल करके इसी प्रकार का प्रयोग किया, जिसका निष्कर्ष भी समान निकला।

पढ़ें- DA Arrear update: सरकारी कर्मचारियों की मनेगी असली होली.. मार्च की सैलरी के साथ मिलेगा 38,692 रुपए का एरियर 

आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मरियन कोहुट ने कहा कि इस बात के कई कारण हो सकते हैं कि लंबे समय तक हल्की या मध्यम स्तर की कसरत करने से शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता में सुधार क्यों होता है।

पढ़ें- अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद से जुड़े 10 बड़े ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, बहन के घर भी कार्रवाई जारी

अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, व्यायाम करने से रक्त प्रवाह बढ़ता है, जो प्रतिरक्षा कोशिकाओं के संचार में मदद करता है और जब ये कोशिकाएं शरीर में प्रवाहित होती हैं, तो किसी बाहरी तत्व को बेहतर तरीके से उनके द्वारा पहचान लेने की संभावना अधिक होती है।

पढ़ें- पुरी के जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश के लिए वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट अनिवार्य नहीं.. इस तारीख से नहीं दिखाने होंगे प्रमाण पत्र 

कोहुट ने कहा, ‘‘लेकिन इसका कारण जानने के लिए और अनुसंधान की आवश्यकता है। जब हम कसरत करते हैं, तो शरीर में चयापचय, जैव रासायनिक, न्यूरोएंडोक्राइन और (रक्त एवं कोशिका के) संचार स्तर पर कई बदलाव होते हैं।’’ उन्होंने कहा कि संभवत: इन कारकों के संयोजन के कारण एंडीबॉडी की मात्रा बढ़ती है।