पाकिस्तान के बलूचिस्तान में निर्माण स्थल पर पांच मजदूरों की गोली मारकर हत्या

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में निर्माण स्थल पर पांच मजदूरों की गोली मारकर हत्या

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में निर्माण स्थल पर पांच मजदूरों की गोली मारकर हत्या
Modified Date: August 25, 2026 / 08:23 pm IST
Published Date: August 25, 2026 8:23 pm IST

कराची, 25 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक निर्माण स्थल पर आतंकवादियों ने पांच मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। एक प्रांतीय अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी के अनुसार, सभी मजदूर पंजाब प्रांत के रहने वाले थे और सोमवार सुबह बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरानन कस्बे में उनकी हत्या की गई।

बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि मजदूरों के शव उनके गृह राज्य पंजाब भेज दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि अहमदपुर शरकिया और बहावलपुर में उनके संबंधित गांवों में शवों को दफनाने के लिए उन्हें वहां पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

रिंद ने बताया कि सुरक्षाबलों ने हमलावरों की तलाश के लिए अभियान शुरू कर दिया है।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने मजदूरों की हत्या की निंदा की।

बुगती ने अपने कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा, ‘‘मासूम मजदूरों का खून बहाने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवादियों की कायराना हरकतें प्रांतीय सरकार के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकतीं।’’

सरानन कस्बा पिछले सप्ताह से आतंकवादियों के निशाने पर है। कुछ दिन पहले भी आतंकवादियों ने कस्बे के एक पुलिस थाने पर हमला किया था और वहां से बंदूकें, गोला-बारूद तथा दो वाहन लेकर फरार हो गए थे।

प्रतिबंधित बलूच विद्रोही समूहों ने बलूचिस्तान में काम करने वाले अन्य प्रांतों के श्रमिकों और मजदूरों को अक्सर निशाना बनाया है।

जुलाई में बलूचिस्तान प्रांत के मश्कैल कस्बे में मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद लोगों ने एक नाई की दुकान पर गोलीबारी कर दी थी, जिसमें मुल्तान के पांच नाइयों की मौत हो गई थी।

पिछले महीने पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों के छह मजदूरों का तुरबत जिले के नसीराबाद इलाके में अपहरण कर लिया गया था। बाद में पुलिस को एक दूरदराज इलाके में उनके गोलियों से छलनी शव मिले थे।

सुरक्षा बल और कानून लागू करने वाली एजेंसियां जुलाई की शुरुआत से बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में विद्रोही समूहों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चला रही हैं। इन समूहों के आतंकवादी हमले लगातार जारी हैं।

भाषा रवि कांत रवि कांत दिलीप

दिलीप


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