श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से मिग विमान खरीदारी के सिलसिले में पूछताछ की गयी

Ads

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से मिग विमान खरीदारी के सिलसिले में पूछताछ की गयी

  •  
  • Publish Date - September 11, 2026 / 09:00 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 09:00 PM IST

कोलंबो, 11 सितंबर (भाषा) श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने विवादित मिग विमान खरीद सौदे की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को अपना बयान दर्ज कराया।

पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे (77) अपना बयान दर्ज कराने के लिए वित्तीय अपराध अन्वेषण संभाग (एफसीआईडी) पहुंचे।

राजपक्षे को 2006 में श्रीलंका वायु सेना के लिए मिग फाइटर जेट की खरीद से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। उस समय वह रक्षा मंत्रालय में शीर्ष नौकरशाह थे।

शुक्रवार को पांच घंटे तक उनका बयान दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले, पूर्व वायु सेना कमांडर और वायुसेना के मार्शल रोशन गुनेतिलेके ने भी इसी मामले में एफसीआईडी के सामने पांच घंटे से ज़्यादा समय तक अपना बयान दर्ज कराया था।

श्रीलंका ने 2006 में यूक्रेन से चार मिग-27 विमान खरीदने का ऑर्डर दिया था। यह आरोप है कि इस सौदे में संदिग्ध तीसरे पक्षों की मिलीभगत से 70 लाख अमेरिकी डॉलर का गबन किया गया था।

राजपक्षे के चचेरे भाई उदयंगा वीरातुंगा को इसी मामले में 2018 में गिरफ़्तार किया गया था। सौदे के समय वीरातुंगा यूक्रेन में श्रीलंका के राजदूत थे।

राजपक्षे 2019 के आखिर से 2022 तक राष्ट्रपति रहे। देश को आर्थिक दिवालियापन की ओर ले जाने के कारण उनके खिलाफ हुए जन-विद्रोह की वजह से उन्हें देश छोड़कर भागना पड़ा।

भाषा राजकुमार दिलीप

दिलीप