यमन में बागियों के कब्जे वाले मोखा हवाई अड्डे पर सऊदी के हमले, महत्वपूर्ण द्वीप पर हूतियों का कब्जा

Ads

यमन में बागियों के कब्जे वाले मोखा हवाई अड्डे पर सऊदी के हमले, महत्वपूर्ण द्वीप पर हूतियों का कब्जा

  •  
  • Publish Date - September 11, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 06:48 PM IST

काहिरा, 11 सितंबर (एपी) यमन में ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण एक द्वीप पर कब्जा कर लिया है। दो अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

यमन के विभिन्न हिस्सों पर हूती विद्रोही तेजी से कब्जा कर रहे हैं, जिससे दुनिया के प्रमुख व्यापारिक समुद्री मार्गों में से एक बाब अल मंदेब के रास्ते होने वाले सऊदी अरब के तेल निर्यात पर खतरा और बढ़ गया है।

एक हूती प्रसारक ने बताया कि सऊदी अरब ने इसके जवाब में महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोखा के हवाई अड्डे पर हवाई हमले किए। हूतियों ने बृहस्पतिवार को इस शहर पर कब्जा किया था। फिलहाल नुकसान या किसी की मौत की तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली है।

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और एक हूती अधिकारी ने इस जलडमरूमध्य में स्थित छोटे और बंजर ज्वालामुखीय द्वीप मायून पर हूतियों के कब्जे की पुष्टि की।

दोनों ने अपनी पहचान सार्वजनिक न करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

इस द्वीप को पेरिम के नाम से भी जाना जाता है और यह यमन के पश्चिमी तट से लगभग 3.5 किलोमीटर दूर है।

बाब अल मंदेब होर्मुज जलडमरूमध्य का एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग है। हूती विद्रोहियों के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हज़ाम अल-असद ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।”

उन्होंने कहा कि हूती सऊदी अरब की आक्रामक कार्रवाई का जवाब दे रहे हैं और अगर रियाद हमले जारी रखता है तो “हमारी सेना के पास कई बड़े और महत्वपूर्ण ठिकानों की सूची है।”

इससे पहले, दिन में ईरान सरकार ने यमन में सऊदी अरब की नाकेबंदी खत्म करने की अपील की और अपने सहयोगी हूती विद्रोहियों का पुरजोर समर्थन किया था।

हूती विद्रोहियों के बंदरगाह के करीब पहुंचने के बाद अपने पहले बयान में ईरान के विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच वार्ता की भी अपील की।

शुक्रवार को सऊदी अरब की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।

एपी जोहेब सुरेश

सुरेश