(एम. जुल्करनैन)
लाहौर, 11 सितंबर (भाषा) पाकिस्तान की एक अदालत ने शुक्रवार को मेडिकल एंड डेंटल काउंसिल (पीएमडीसी) के देशभर के चिकित्सा संस्थानों से अफगानिस्तान के विद्यार्थियों को निकालने और उन्हें वापस स्वदेश भेजने के आदेश पर रोक लगा दी।
पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच देशभर के चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा संस्थानों को अफगानिस्तानी विद्यार्थियों को निकालने और तत्काल नए दाखिले रोकने का आदेश दिया था।
अफगानिस्तान के कुछ विद्यार्थियों ने बृहस्पतिवार को पाकिस्तान की अदालत में याचिका दायर कर सरकार के इस फैसले और उन्हें ‘जबरन’ स्वदेश भेजे जाने को चुनौती दी थी।
अदालत के एक अधिकारी के अनुसार, लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति खालिद इस्हाक ने अफगानिस्तान के 13 चिकित्सा विद्यार्थियों की याचिका स्वीकार करते हुए पाकिस्तान मेडिकल एंड डेंटल काउंसिल के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
उन्होंने कहा, “न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि अफगानिस्तान के विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने, परीक्षाओं में शामिल होने और छात्रावासों में वापस जाने की अनुमति दी जाए। ”
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने यह आदेश जारी किया।
उन्होंने अगली सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख तय करते हुए पाकिस्तान मेडिकल एंड डेंटल काउंसिल, स्वास्थ्य मंत्रालय और संबंधित विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के कुलपतियों समेत सभी प्रतिवादियों से जवाब भी तलब किया।
सरकार ने इस फैसले को इस्लामाबाद और काबुल के बीच जारी तनाव से जोड़कर बताया।
इस फैसले से खास तौर पर वे छात्र प्रभावित हुए हैं, जो चिकित्सा और दंत चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों के अंतिम चरण में हैं।
इनमें से कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो अपनी पेशेवर डिग्री पूरी करने से केवल कुछ महीने दूर हैं।
भाषा जितेंद्र नरेश
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