रूसी हमले के डर के बीच यूक्रेन पहुंचे जर्मनी के चांसलर ओलाफ शॉल्त्स

रूसी हमले के डर के बीच यूक्रेन पहुंचे जर्मनी के चांसलर ओलाफ शॉल्त्स

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  • Publish Date - February 14, 2022 / 07:32 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:15 PM IST

कीव, 14 फरवरी (एपी) नाटो सैनिकों की और टुकड़ियां सोमवार को पूर्वी यूरोप पहुंचीं, वहीं कुछ देशों ने अपने नागरिकों और राजनयिकों से यूक्रेन छोड़ने को कहा है। इसबीच, जर्मनी के चांसलर ने आज यूक्रेन पहुंच कर देश पर रूसी हमले की आशंकाओं को टालने का प्रयास किया।

इस घटनाक्रम को लेकर दुनिया भर में हाई अलर्ट की स्थिति के बीच, ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जेम्स हिप्पी ने कहा कि रूस बिना नजर में आए अब ‘प्रभावी तरीके से हमला कर सकता है।’

जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स सोमवार को यूक्रेन पहुंचे और यहां से उनकी योजना मॉस्को जाने और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को पीछे हटने के लिए समझाने की है।

वहीं मॉस्को ने यूक्रेन पर हमले की किसी भी योजना से इंकार किया है, हालांकि उसने सीमा पर 1,30,000 सैनिकों की तैनाती की हुई है। वहीं, अमेरिका का मानना है कि रूस ने थोड़े ही समय में वहां इतनी सैन्य शक्ति जमा कर ली है कि वह कभी भी हमला कर सकता है।

यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचने के बाद शॉल्त्स ने ट्वीट किया, ‘‘हम यूरोप में शांति के प्रति बहुत बहुत गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम मास्को की ओर से तत्काल सैनिकों के पीछे हटने संबंधी संकेत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।’’

युद्ध की बढ़ती आशंका की चिंताओं के बीच जर्मनी की सेना का कहना है कि लिथुआनिया में नाटो बलों की मदद के लिए वह जिन 350 सैनिकों की टुकड़ी को भेज रहा है, वह सोमवार को रास्ते में थे।

नाटो के पूर्वी फ्लैंक तक ले जाए जाने के लिए छह हॉवित्जर टेंक भी लोड किए जा रहे हैं।

इसबीच, लिथुआनिया ने राजनयिकों के परिवारों और कुछ गैर-जरूरी राजनयिक कर्मचारियों को यूक्रेन से बाहर भेज दिया है, वहीं, अमेरिका कीव स्थित अपने दूतावास से अपने ज्यादातर कर्मचारियों को बाहर निकाल रहा है।

यूनान के विदेश मंत्रालय सहित विभिन्न पश्चिमी देश अपने-अपने नागरिकों से यूक्रेन छोड़ने का अनुरोध कर रहे हैं। सभी देश संभावित युद्ध की तैयारियों के मद्देनजर ऐसे कदम उठा रहे हैं।

किसी भी वक्त युद्ध शुरू होने के डर के बीच कुछ विमानन कंपनियों ने रविवार को यूक्रेन की राजधानी के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। वहीं, नाटो के सदस्य देशों ने रविवार को हथियारों की नयी खेप वहां उतारी है।

काला सागर में रूसी नौसैनिक अभ्यास के मद्देनजर यूक्रेन की हवाई यातायात सुरक्षा एजेंसी यूक्रारोरूक ने एक बयान जारी कर काला सागर के ऊपर के हवाई क्षेत्र को ‘संभावित खतरे का क्षेत्र’ बताया है और विमानों को 14 से 19 फरवरी के बीच वहां से उड़ान नहीं भरने की सलाह दी है।

गौरतलब है कि अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों ने बार-बार रूस को आगाह किया है कि (यूक्रेन पर) हमले की उसे भारी कीमत चुकानी होगी।

एपी अर्पणा पवनेश

पवनेश