बर्लिन, 13 जुलाई (एपी) जर्मन सरकार ने बृहस्पतिवार को चीन के साथ संबंधों के लिए एक बहुप्रतीक्षित रणनीति प्रस्तुत की जो एशियाई शक्ति के साथ “प्रणालीगत प्रतिद्वंद्विता” और आर्थिक निर्भरता के जोखिमों को कम करने की आवश्यकता की ओर इशारा करती है। साथ ही यह जलवायु परिवर्तन और व्यापार संबंधों को कायम रखने जैसी चुनौतियों पर बीजिंग के साथ काम करने की बर्लिन की इच्छा को भी उजागर करती है।
चांसलर ओलाफ शोल्ज की कैबिनेट द्वारा अनुमोदित 64 पेज का दस्तावेज़ जर्मनी की पहली राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति पर आधारित है, जिसे एक महीने पहले जारी किया गया था।
शोल्ज के तीन-पक्षीय गठबंधन ने 2021 के अंत में सत्ता संभालते समय “व्यापक चीन रणनीति” तैयार करने का वादा किया था।
जर्मनी यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 27 देशों वाले यूरोपीय संघ में यह सबसे अधिक आबादी वाला सदस्य है।
उसकी यह रणनीति संतुलन साधने की कवायद है। बीजिंग की बढ़ती मुखरता और यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की आलोचना करने से इनकार पर चिंता के बावजूद, वह हाल के वर्षों में अपने सबसे बड़े एकल व्यापारिक भागीदार चीन के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने का इच्छुक है।
विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने कहा कि “जर्मनी के लिए, चीन एक भागीदार, प्रतिस्पर्धी और प्रणालीगत प्रतिद्वंद्वी बना हुआ है, लेकिन हाल के वर्षों में प्रणालीगत प्रतिद्वंद्विता का पहलू तेजी से सामने आया है।”
बेयरबॉक ने कहा, “जो कोई भी चीन की बात सुनता है वह जानता है कि वह किस आत्मविश्वास के साथ हमारी दुनिया के विकास को निर्णायक रूप से प्रभावित करेगा – (अपने) घर पर अधिक दमनकारी और विदेश में अधिक आक्रामक।”
उन्होने कहा, “चीन बदल गया है इसलिए हमारी चीन नीति भी बदलनी चाहिए।”
एपी प्रशांत पवनेश
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