इस्लामाबद: GOVT Employees Salary News School Closed News Tomorrow ईरान के खिलाफ शुरू की गई अमेरिका और इजरायल की जंग ने पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका सहित कई देशों पर व्यापक असर डाला है। इन देशों में जहां एक ओर पेट्रोल-डीजल और प्राकृति गैस की किल्लत देखने को मिल रही है तो दूसरी ओर महंगाई इतनी बढ़ गई है कि आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। ऐसे में पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने कई कड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने तेल बचाने के लिए स्कूलों को दो हफ्ते तक बंद करने के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों की सैलरी भी कम करने का फैसला लिया है।
उर्जा बचाने के लिए अहम बैठक
GOVT Employees Salary News पाक पीएम शहबाज शरीफ ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि वह आगे कीमतें बढ़ाने से बचना चाहते हैं, क्योंकि इससे लोगों पर असर पड़ेगा। उन्होंने टीवी पर दिए गए भाषण में कहा कि कदम उठाना जरूरी है, उन्होंने चेतावनी दी, “ऊर्जा संकट अब एक नया संकट बन गया है।” बता दें कि सोमवार को हुई एक बैठक में उन्होंने कहा कि मंत्रियों ने हालात को और खराब होने से रोकने के लिए कुछ फैसले किए हैं। ज्ञात हो कि पिछले शुक्रवार को सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर की थी।
शहबाज सरकार ने लिए ये फैसले
सरकार के दफ्तरों में बैंकों को छोड़कर बाकी जगह सप्ताह में केवल चार दिन ही काम होगा, साथ ही आधे कर्मचारियों को घर से काम करने (वर्क फ्रॉम होम) का आदेश दिया गया है
सरकारी गाड़ियों के लिए मिलने वाला ईंधन भत्ता, एम्बुलेंस को छोड़कर, अगले दो महीनों के लिए 50 प्रतिशत कम कर दिया गया है
बैठक में यह भी फैसला हुआ कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी कम की जाएगी, 2 महीने तक 25 प्रतिशत कम सैलरी मिलेगी
नए उपकरणों की खरीद पर रोक लगेगी और विदेश यात्रा भी कम की जाएगी, सिर्फ वही यात्रा की जाएगी जो “देश के हित में जरूरी” हो, ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता दी जाएगी
सरकारी डिनर और इफ्तार पार्टियों पर रोक
सेमिनार और सम्मेलन होटलों के बजाय सरकारी परिसरों में आयोजित किए जाएंगे
कच्चे तेल की कीमतें पहुंची असमान तक
ज्ञात हो कि खाड़ी देशों में लगातार जारी युद्ध के चलते कच्चे तेल कीमतें आसमान छू रही है। बात करें रेट की तो सोमवार को कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। बता दें कि ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा जब कच्चे तेल की कीमत इतना इजाफा हुआ है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन जंग के बीच भी कीमतें इतनी नहीं बढ़ी थी।
अगले 2 महीनों तक सरकारी कर्मचारियों को उनकी सैलरी का केवल 75% (25% कटौती) ही मिलेगा। साथ ही एम्बुलेंस को छोड़कर अन्य सरकारी वाहनों के ईंधन भत्ते में भी 50% की कटौती की गई है।
क्या अब रोज ऑफिस जाना होगा?
नहीं, बैंकों को छोड़कर बाकी सरकारी दफ्तरों में सप्ताह में 4 दिन काम होगा और आधे कर्मचारियों को घर से काम (Work from Home) करना होगा।
फिजूलखर्ची रोकने के लिए और क्या कदम उठाए गए हैं?
सरकारी डिनर, इफ्तार पार्टियों और होटलों में होने वाले सेमिनार पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब सभी बैठकें सरकारी परिसरों में या ऑनलाइन माध्यम से होंगी।
कच्चे तेल की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी क्यों हुई है?
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध के कारण सप्लाई चेन बाधित हुई है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गईं, जिससे दक्षिण एशियाई देशों में हाहाकार मचा है।
सरकार ने स्कूलों को लेकर क्या फैसला लिया है?
तेल और ऊर्जा की खपत कम करने के लिए स्कूलों को फिलहाल 2 हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया है। इसके बाद छात्रों की पढ़ाई ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दी जाएगी।