ढाका, 30 जून (भाषा) बांग्लादेश में अज्ञात लोगों ने एक हिंदू छात्र को कथित तौर पर बंधक बना लिया और पैसे के लिए उसके साथ मारपीट की। यह छात्र एक मंदिर का पुजारी भी है। स्थानीय मीडिया में मंगलवार को प्रसारित खबर में यह जानकारी दी गई।
समाचार पोर्टल ‘बीडीन्यूज24’ की खबर के मुताबिक, ढाका की जगन्नाथ विश्वविद्यालय में विधि पाठ्यक्रम के 25 वर्षीय छात्र सुभाष देउरी पर कुछ अज्ञात लोगों ने सोमवार देर रात हमला कर दिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि देउरी को उसके धर्म के कारण तो निशाना नहीं बनाया गया था।
खबर के अनुसार, बाद में देउरी मंगलवार तड़के पुराने ढाका इलाके में अपने दोस्तों को सड़क पर बेहोशी की हालत में मिला, जिसके बाद उसे ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) ले जाया गया।
डीएमसीएच पुलिस चौकी के प्रभारी मोहम्मद फारूक ने बताया कि देउरी को मंगलवार सुबह करीब सात बजे (स्थानीय समय) गंभीर हालत में आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया और अभी उसकी हालत स्थिर है।
उन्होंने बताया कि पुलिस में घटना के सिलसिले में अभी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद की प्रवक्ता काजल देबनाथ ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हमें इस घटना के बारे में पता चला है और हम इसकी पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह सिर्फ लूटपाट का मामला था।”
खुलना के मागुरा जिले का मूल निवासी देउरी ढाका में अपने दोस्त दुर्जय साहा के साथ किराये के अपार्टमेंट में रहता है। साहा ने ‘बीडीन्यूज24’ को बताया कि देउरी सोमवार रात करीब 11:30 बजे किसी काम के सिलसिले में अपार्टमेंट से बाहर निकला था।
उसने कहा, “मुझे देउरी के नंबर से फोन आया, जिसमें मुझसे कुछ पैसे भेजने के लिए कहा गया। मैं पैसे नहीं भेज सका, क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं थे।”
अज्ञात व्यक्तियों ने पैसों के लिए देउरी के रिश्तेदारों से भी संपर्क किया।
देउरी की बहन जया ने ‘बीडीन्यूज24’ को बताया कि सोमवार देर रात एक बजे के आसपास उसे अपने भाई के नंबर से फोन आया और एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे 30,000 बांग्लादेशी टका की मांग की।
जया के मुताबिक, देउरी को बंधक बनाने वालों ने पैसे अंतरित करने के लिए उसे एक फोन नंबर दिया। उसने बताया कि संबंधित नंबर से जुड़े बैंक खाते में 26,000 बांग्लादेशी टका अंतरित करने के बाद देउरी को पुराने ढाका इलाके में सड़क पर छोड़ दिया गया।
साहा ने बताया कि सड़क पर बेहोशी की हालत में मिले देउरी ने खुद को शारीरिक एवं मानसिक यातनाएं दिए जाने, निर्वस्त्र किए जाने और ब्लैकमेल करके परिवार वालों से पैसे ऐंठे जाने की बात बताई।
देउरी को अस्पताल ले जाने वाले साहा ने बताया कि उसका बटुआ और मोबाइल फोन गायब था।
भाषा पारुल माधव
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