मॉस्को, 18 अगस्त (एपी) रूस के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जापान के राजदूत को तलब करके राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कुरील द्वीप समूह की यात्रा की निंदा किए जाने पर विरोध जताया।
कुरील प्रशांत महासागर में रूस के नियंत्रण वाला द्वीप समूह है, जबकि जापान भी इस पर दावा करता है।
पिछले सप्ताह पुतिन ने इस द्वीप समूह के चार सबसे दक्षिणी द्वीपों में से एक इटुरुप का दौरा किया था। जापान इसे अपना उत्तरी क्षेत्र कहता है। द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में सोवियत संघ ने इन द्वीपों को जापान से अपने कब्जे में ले लिया था। इस विवाद के कारण दोनों देश अब तक औपचारिक रूप से शांति संधि पर हस्ताक्षर नहीं कर पाए हैं।
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा कि पुतिन की यह यात्रा ‘‘उत्तरी क्षेत्रों पर जापान के रुख के अनुरूप नहीं है’’ और ‘‘पूरी तरह अस्वीकार्य’’ है।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन के मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को इस यात्रा से और नुकसान पहुंचा है तथा मॉस्को को इसके परिणाम समझने चाहिए।
जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि जापान इटुरुप की पुतिन की यात्रा का ‘‘कड़ा विरोध’’ करता है।
मंगलवार को रूस के उप विदेश मंत्री मिखाइल गालुजिन ने जापानी राजदूत अकीरा मुतो को तलब करके ताकाइची तथा मोतेगी के ‘‘रूस विरोधी’’ बयानों पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, गालुजिन ने मुतो से कहा, ‘‘दक्षिणी कुरील द्वीपों पर रूस की संप्रभुता और अधिकार क्षेत्र पूरी तरह निर्विवाद है।’’
एपी जोहेब माधव
माधव