अनिल मेनन, सोफी एडेनॉट ने आईएसएस का एंटीना बदलने के लिए अंतरिक्ष में चहलकदमी की

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अनिल मेनन, सोफी एडेनॉट ने आईएसएस का एंटीना बदलने के लिए अंतरिक्ष में चहलकदमी की

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 09:00 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 09:00 PM IST

वाशिंगटन, 18 अगस्त (भाषा) भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और उनकी फ्रांसीसी साथी सोफी एडेनॉट अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) का ‘स्पेस टू ग्राउंड’ एंटीना बदलने के लिए मंगलवार को आईएसएस के बाहर निकले।

केरल से ताल्लुक रखने वाले मेनन के लिए यह अंतरिक्ष में चहकदमी का दूसरा मौका है। वहीं, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी से जुड़ी सोफी इस अभियान के तहत अंतरिक्ष में चहकदमी करने वाली पहली फ्रांसीसी महिला बन गई हैं।

मेनन और सोफी ने ‘जेड1 ट्रस’ की तरफ बढ़ने से पहले ‘बडी चेक’ की प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद ह्यूस्टन स्थित मिशन नियंत्रण केंद्र ने कहा, “अंतरिक्ष में आपका स्वागत है।” ‘जेड1 ट्रस’ धरती से 260 मील की ऊंचाई पर चक्कर लगा रहे आईएसएस के मुख्य ढांचे के बीच वाले हिस्से में स्थित है।

मेनन और सोफी ने मंगलवार सुबह 8 बजकर 37 मिनट (ईडीटी) पर अंतरिक्ष में चहलकदमी शुरू हुई। उनके साढ़े छह घंटे तक आईएसएस से बाहर रहने की संभावना है।

‘स्पेस टू ग्राउंड’ एंटीना अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क माध्यम है, जिसके जरिये डेटा भेजा जाता है। इससे ह्यूस्टन स्थित मिशन नियंत्रण केंद्र और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बीच तेज गति से संचार संभव हो पाता है।

मेनन और सोफी की ओर से अंतरिक्ष में की जा रही चहलकदमी आईएसएस के निर्माण, रखरखाव और उन्नयन के समर्थन में की जाने वाली अपनी तरह की 282वीं तिविधि है।

मेनन ने अगस्त की शुरुआत में नासा से जुड़ी अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ आईएसएस के बाहर छह घंटे 27 मिनट बिताए थे। इस दौरान दोनों ने आईएसएस की ऊर्जा प्रणाली के एक हिस्से को भविष्य में एक और सौर ऊर्जा पैनल की स्थापना के लिए तैयार किया था।

भाषा पारुल माधव

माधव

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