ट्रंप उम्मीदवार बने तो मैं उनका समर्थन करूंगा, मैं राष्ट्रपति बना तो उन्हें माफ कर दूंगा: रामास्वामी

ट्रंप उम्मीदवार बने तो मैं उनका समर्थन करूंगा, मैं राष्ट्रपति बना तो उन्हें माफ कर दूंगा: रामास्वामी

ट्रंप उम्मीदवार बने तो मैं उनका समर्थन करूंगा, मैं राष्ट्रपति बना तो उन्हें माफ कर दूंगा: रामास्वामी
Modified Date: September 4, 2023 / 12:48 am IST
Published Date: September 4, 2023 12:48 am IST

(ललित झा)

वाशिंगटन, तीन सितंबर (भाषा) अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार बनने की दौड़ में शामिल भारतीय अमेरिकी विवेक रामास्वामी ने रविवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नवंबर, 2024 में होने वाले आम चुनाव में वह अपनी पार्टी के उम्मीदवार होंगे, लेकिन यदि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन उम्मीदवार बनते हैं तो वह उनका समर्थन करेंगे।

रामास्वामी ने यह भी कहा कि यदि वह अमेरिका के राष्ट्रपति बनते हैं, तो वह ट्रंप को माफ कर देंगे।

रविवार को एक ‘टॉक शो’ में शामिल होने के दौरान 38 वर्षीय भारतीय अमेरिकी उद्यमी ने कहा कि यदि वह अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित होते हैं तो ट्रंप को माफ कर देंगे। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल कई कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

रामास्वामी ने ‘एबीसी न्यूज’ से कहा, ‘‘यदि डोनाल्ड ट्रंप पार्टी के उम्मीदवार बनते हैं– हां, मैं उनका समर्थन करूंगा। यदि मैं राष्ट्रपति बना, तो मैं उन्हें माफ कर दूंगा क्योंकि यह देश को एकजुट करने में मदद करेगा लेकिन यह सबसे अहम चीज नहीं है जिसे मैं अगले राष्ट्रपति के रूप में करूंगा। यह देश को आगे बढ़ाने के लिए शुरुआती चीज है।’’

पिछले महीने शुरुआती रिपब्लिकन ‘प्राइमरी प्रेसिडेंशियल डिबेट’ में प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद रामास्वामी की लोकप्रियता बढ़ी है। वह एक अन्य भारतीय अमेरिकी निक्की हेली के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं जो दक्षिण कैरोलाइना की पूर्व गवर्नर रह चुकी हैं।

रामास्वामी राष्ट्रपति पद के लिए खुले तौर पर ट्रंप का समर्थन करने वाले एकमात्र रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं।

उन्होंने कहा,‘‘मेरी मूल बात यह है कि मैं उस व्यक्ति को वोट दूंगा जो मुझे लगता है कि इस देश को आगे ले जाने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में है। मुझे नहीं लगता कि वह जो बाइडन हैं। मुझे नहीं लगता कि वह कोई अन्य कठपुतली, कमला हैरिस या कोई और है, जिसे वे जो बाइडन के बाद सामने लाएंगे।’’

भाषा संतोष सिम्मी

सिम्मी


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