नीरव मोदी के अब भी ब्रिटेन में होने से स्तब्ध और भयभीत हूं: प्रीति पटेल
नीरव मोदी के अब भी ब्रिटेन में होने से स्तब्ध और भयभीत हूं: प्रीति पटेल
लंदन, 26 जुलाई (भाषा) ब्रिटेन की गृहमंत्री रहते नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण आदेश पर अप्रैल 2021 में हस्ताक्षर करने वाली भारतीय मूल की ब्रिटिश प्रीति पटेल ने कहा है कि वह इस बात से ‘‘स्तब्ध और बेहद चिंतित’’ हैं कि वह अब भी ब्रिटेन में है।
विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी की ओर से छाया विदेश मंत्री प्रीति पटेल ने अगले सप्ताह प्रसारित होने वाले ‘द डेली टेलीग्राफ’ पॉडकास्ट के एक एपिसोड में कहा कि भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक में वांछित इस हीरा कारोबारी के प्रत्यर्पण में ब्रिटेन के विफल रहने से भारतीय प्राधिकारी ‘‘बहुत नाराज’’ हैं।
‘द डायमंड किंग’ नामक चार कड़ियों वाली पॉडकास्ट शृंखला में फरार हीरा कारोबारी के लंदन के एक आलीशान फ्लैट में छिपे होने का अखबार द्वारा पता लगाने और मार्च 2019 में स्कॉटलैंड यार्ड द्वारा उसकी गिरफ्तारी तक की पूरी कहानी को पेश किया गया है।
पटेल के हवाले से कहा गया, ‘‘यदि हमारी व्यवस्था प्रक्रियाओं और बहानों में उलझे रहने के बजाय विवेकपूर्ण तरीके से काम कर रही होती और सही कदम उठा रही होती, तो उसे इस देश में नहीं होना चाहिए था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं वास्तव में इस बात से काफी स्तब्ध और चिंतित हूं कि वह अब भी यहां है। मुझे कहना होगा कि मुझे लगता है कि इससे भारत सरकार हमारे साथ काम करने को लेकर काफी निराश महसूस करती होगी।”
हीरा कारोबारी नीरव मोदी (55) पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से दो अरब अमेरिकी डॉलर के धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में लंदन की जेल में बंद है। उसने ब्रिटेन में उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर लिया है और फ्रांस स्थित यूरोपीय मानवाधिकार अदालत (ईसीएचआर) में भी अंतिम अपील हार चुका है। ऐसे में उसका प्रत्यर्पण जल्द होने की संभावना जतायी जा रही है।
पटेल ने कहा कि 2019 से 2022 तक कंजरवेटिव पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार में गृह मंत्री रहते हुए यह मामला उनके लिए जटिल स्थिति पैदा कर रहा था, क्योंकि भारत “वीजा अवधि से अधिक समय तक ठहरने वालों” को वापस लेने के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाता था।
उन्होंने कहा, “मुझे उन्हें (भारत को) असफल शरणार्थी दावेदारों को वापस लेने के लिए सहमत कराने में काफी कठिनाई हुई…और मुझे पूरा विश्वास है कि इसकी वजह यह (नीरव मोदी का) हाई-प्रोफाइल मामला था और उस समय एक अन्य हाई-प्रोफाइल मामला भी था। जब तक उन्होंने (भारत ने) इन मामलों में कार्रवाई और प्रगति नहीं देखी, तब तक उसके पास हम पर दबाव बनाने की स्थिति थी, जो बेहद निराशाजनक था।’’
नीरव मोदी भारत में तीन आपराधिक मामलों में वांछित है। इनमें पीएनबी धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), कथित धनशोधन से जुड़ा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का मामला और सीबीआई जांच से जुड़े सबूतों तथा गवाहों को प्रभावित करने के आरोपों से संबंधित तीसरा मामला शामिल है।
पटेल ने कहा, ‘‘ (नीरव) मोदी को भारत में जेल में होना चाहिए और कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद वहीं अपनी सजा काटनी चाहिए, क्योंकि ब्रिटेन के प्रत्यर्पण कानून और संधियां इसी उद्देश्य के लिए हैं।”
उन्होंने कहा, “यह हमारी व्यवस्था का खुला दुरुपयोग है। इसे इसी तरह वर्णित किया जा सकता है। यह वास्तव में ऐसा ही है। और यह ब्रिटिश करदाताओं का भी अपमान है।”
नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में मानवाधिकारों के आधार पर उच्च न्यायालय में कई अपीलों के साथ-साथ समानांतर रूप से गोपनीय राजनीतिक शरण आवेदन के कारण देरी हुई। शरण आवेदन कथित तौर पर खारिज होने के बाद, उत्तर लंदन की पेंटनविल जेल में बंद इस कारोबारी ने अपने प्रत्यर्पण मामले को फिर से खोलने का प्रयास किया, जिसे इस साल मार्च में इंग्लैंड के उच्च न्यायालय ने भी खारिज कर दिया।
भाषा अमित प्रशांत
प्रशांत

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