होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित, निर्बाध समुद्री आवागमन यथाशीघ्र बहाल हो : भारत

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होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित, निर्बाध समुद्री आवागमन यथाशीघ्र बहाल हो : भारत

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  • Publish Date - April 28, 2026 / 07:04 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 07:04 PM IST

(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 28 अप्रैल (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के बीच, भारत ने अपने नाविकों की सुरक्षा के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने का आग्रह किया है।

भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि महत्वपूर्ण जलमार्गों के किसी भी “कथित बंद” का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ‘समुद्री क्षेत्र में जलमार्गों की सुरक्षा और संरक्षण’ विषय पर हुई खुली बहस को संबोधित करते हुए, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रभारी राजदूत योजना पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत समुद्री सुरक्षा और जलमार्गों के संरक्षण को वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के लिए आवश्यक मानता है।

पटेल ने बहरीन की अध्यक्षता में आयोजित परिषद की चर्चा के दौरान कहा, “एक प्रमुख व्यापारिक राष्ट्र के रूप में, भारत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को हाल ही में निशाना बनाए जाने और निर्दोष असैनिक चालक दल के सदस्यों के जीवन को खतरे में डालने की कड़ी निंदा करता है। ऐसे कृत्यों के परिणामस्वरूप भारतीय नाविकों के बहुमूल्य जीवन का दुखद नुकसान हुआ है और यह अस्वीकार्य है।”

भारत ने दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन और वैश्विक वाणिज्य की स्वतंत्रता का अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार पूरी तरह से सम्मान किया जाना चाहिए और आग्रह किया कि सुरक्षित और निर्बाध समुद्री मार्ग को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।

भारत वैश्विक समुद्री कार्यबल में लगभग 13 प्रतिशत का योगदान देकर, शीर्ष तीन समुद्री यात्रियों की आपूर्ति करने वाले देशों में से एक है।

पटेल ने कहा, “भारत अपने नाविकों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर बेहद चिंतित है। महत्वपूर्ण जलमार्गों में किसी भी प्रकार की बाधा, अवरोध या कथित बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और मानवीय आपूर्ति शृंखलाओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है।”

भाषा प्रशांत माधव

माधव