भारत 2025 में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य व्ययकर्ता : सिपरी रिपोर्ट

भारत 2025 में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य व्ययकर्ता : सिपरी रिपोर्ट

भारत 2025 में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य व्ययकर्ता : सिपरी रिपोर्ट
Modified Date: June 9, 2026 / 11:58 am IST
Published Date: June 9, 2026 11:58 am IST

स्टॉकहोम, नौ जून (भाषा) भारत वर्ष 2025 में 92.1 अरब अमेरिकी डॉलर के रक्षा व्यय के साथ दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य व्ययकर्ता रहा है।

अंतरराष्ट्रीय थिंक-टैंक ‘स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इन्स्टीट्यूट’ (सिपरी) की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है, जिसमें पिछले वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच रहे ‘‘असामान्य गंभीर सैन्य संकट’’ का भी उल्लेख किया गया है।

सोमवार को जारी इस वार्षिक आकलन रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के पास जनवरी 2026 तक लगभग 190 परमाणु हथियार हैं, जबकि पाकिस्तान के पास अनुमानित रूप से 170 हथियार हैं।

सिपरी के अनुसार, समझा जाता है कि भारत ने 2025 में अपने परमाणु भंडार का ‘‘हल्का विस्तार’’ किया और नए हथियार प्रणालियों के विकास को जारी रखा। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की आधुनिकीकरण प्रक्रिया अब उन हथियारों पर केंद्रित है जो चीन के पूरे क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं, हालांकि पाकिस्तान के साथ पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता भी इसका प्रमुख आधार बनी हुई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान ने भी 2025 में नई हथियार प्रणालियों का विकास और विखंडनीय सामग्री का संचय जारी रखा, जिससे उसके परमाणु भंडार के आने वाले दशक में बढ़ने की संभावना है।

रिपोर्ट के अनुसार, मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संक्षिप्त सैन्य संघर्ष के दौरान भारत ने पाकिस्तानी हवाई और मिसाइल ठिकानों पर हमले किए, जिनके परमाणु स्तर तक होने की भी आशंका थी, हालांकि दोनों पक्षों ने तनाव को बढ़ने से रोकने के प्रयास किए।

रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2026 की शुरुआत तक अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजराइल सहित नौ देशों के पास कुल लगभग 12,187 परमाणु हथियार थे।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका 954 अरब डॉलर के खर्च के साथ अब भी सबसे बड़ा सैन्य व्ययकर्ता बना हुआ है, जबकि चीन 336 अरब डॉलर के साथ दूसरे और रूस 190 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर है। जर्मनी चौथे स्थान पर और भारत पांचवें स्थान पर है।

सिपरी ने कहा कि वर्ष 2025 में वैश्विक सैन्य खर्च 2.9 हजार अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो लगातार 11वें वर्ष वृद्धि को दर्शाता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 में कई क्षेत्रीय संघर्षों में साइबर अभियानों का उपयोग बढ़ा है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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