India Oil Gas Shipment: भारत आ रहा खुशियों का पिटारा..! ईरान ने दोस्त कहते हुए दे दी बड़ी राहत, अब देश में नहीं होगी गैस की कमी?

India Oil Gas Shipment: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के आसपास बने खतरनाक हालात के बीच भारत को बड़ी राहत मिली है। जानकारी के अनुसार भारत के दो मालवाहक जहाज शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट को पार करने में सफल रहे हैं।

India Oil Gas Shipment: भारत आ रहा खुशियों का पिटारा..! ईरान ने दोस्त कहते हुए दे दी बड़ी राहत, अब देश में नहीं होगी गैस की कमी?

india oil shipment/ image source: IBC24

Modified Date: March 14, 2026 / 02:14 pm IST
Published Date: March 14, 2026 2:14 pm IST
HIGHLIGHTS
  • होर्मुज स्ट्रेट से निकले भारतीय जहाज
  • शिवालिक पर 40 हजार टन गैस
  • नंदा देवी पर ऊर्जा सप्लाई

India Oil Gas Shipment: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के आसपास बने खतरनाक हालात के बीच भारत को बड़ी राहत मिली है। जानकारी के अनुसार भारत के दो मालवाहक जहाज शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट को पार करने में सफल रहे हैं। इन जहाजों पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस लदी हुई है, जो जल्द ही भारत पहुंचने वाली है। बताया जा रहा है कि जहाज शिवालिक पर करीब 40 हजार मीट्रिक टन गैस मौजूद है, जबकि नंदा देवी पर भी ऊर्जा से जुड़ी बड़ी सप्लाई लदी हुई है। पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच चल रहे तनाव के कारण इस समुद्री रास्ते को बेहद जोखिम भरा माना जा रहा था। ऐसे में इन जहाजों का सुरक्षित निकलना भारत के लिए अहम माना जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे देश में गैस और ऊर्जा की सप्लाई कुछ हद तक सामान्य हो सकेगी।

Strait Of Hormuz News: होर्मुज स्ट्रेट से निकले भारतीय जहाज

इस घटनाक्रम को भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। दोनों जहाजों पर भारतीय तिरंगा लगा हुआ था, जिसने यह संकेत दिया कि भारत ने मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिलाने में सफलता पाई है। कई अन्य देशों के जहाज इस मार्ग से गुजरने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, लेकिन भारत के जहाजों का सुरक्षित निकलना उसके मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंधों का संकेत माना जा रहा है। इसका श्रेय भारत की संतुलित कूटनीति और क्षेत्र के देशों के साथ अच्छे संबंधों को दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और ईरान के राष्ट्रपति के बीच हुई बातचीत के बाद यह रास्ता आसान हो पाया। इससे पहले भी वैश्विक संकट के समय भारत ने अपने नागरिकों और संसाधनों की सुरक्षा के लिए सक्रिय कूटनीतिक पहल की है, जैसे Russia‑Ukraine War के दौरान भारतीय छात्रों को सुरक्षित वापस लाने का अभियान।

India Iran Relations: ईरान ने भारत को बताया मित्र

दरअसल 12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत की थी। यह बातचीत उस समय हुई जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति दोनों मुद्दों पर चर्चा की थी। वहीं भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भी ईरान के विदेश मंत्री से 28 फरवरी, 5 मार्च, 10 मार्च और 12 मार्च को फोन पर बातचीत की थी और भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का मुद्दा उठाया था। इसके बाद 13 मार्च को भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने साफ कहा कि भारत मित्र देश है और उसके जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इस घटनाक्रम को वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख और कूटनीतिक संतुलन का संकेत माना जा रहा है।

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।