सिंगापुर में भारतीय राजदूत ने महिला कामगारों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया, सहायता सेवाओं पर जोर

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सिंगापुर में भारतीय राजदूत ने महिला कामगारों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया, सहायता सेवाओं पर जोर

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 12:33 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 12:33 PM IST

सिंगापुर, 19 अगस्त (भाषा) सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग ने देश में काम करने वाली करीब 200 भारतीय महिलाओं के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें स्वास्थ्य जांच और वित्तीय लेनदेन से संबंधित परामर्श दिया गया। भारतीय उच्चायोग ने बुधवार को यह जानकारी दी।

यह पहल विदेशों में महिलाओं के लिए भारत सरकार की ‘वन स्टॉप सेंटर’ योजना के तहत की गई।

उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले ने रविवार को आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं से कहा कि उन्हें किसी भी तरह की समस्या होने पर उच्चायोग से संपर्क करने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से सिंगापुर में काम के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए उच्चायोग के अधिकारियों से सीधे परामर्श और सहायता लेने का आग्रह किया।

उन्होंने बढ़ते वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों के बीच महिलाओं को अपने वित्तीय लेनदेन बैंकिंग माध्यमों से करने और सतर्क रहने की सलाह भी दी।

उच्चायोग ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि स्वास्थ्य जांच का उद्देश्य महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रोत्साहित करना था। इनमें से कई महिलाएं घरेलू सहायिका और देखभालकर्मी के रूप में काम करती हैं।

अंबुले ने ‘वन स्टॉप सेंटर’ के संचालन में भारतीय समुदाय के सदस्यों द्वारा संचालित गैर-सरकारी संगठनों की ओर से दी जा रही मदद को भी रेखांकित किया। इस केंद्र का उद्देश्य सिंगापुर में काम करने वाली भारतीय महिलाओं तक पहुंच बनाना और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।

ऐसे ही संगठनों में महाराष्ट्र मंडल सिंगापुर (एमएमएस) शामिल है। वर्ष 1994 में स्थापित यह संगठन सिंगापुर में महाराष्ट्रीयन समुदाय के बीच कला, संस्कृति, परंपराओं और मराठी भाषा को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा