भारतीय उच्चायोग ने श्रीलंकाई मछुआरों पर हमले के आरोपों को खारिज किया

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भारतीय उच्चायोग ने श्रीलंकाई मछुआरों पर हमले के आरोपों को खारिज किया

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 01:45 PM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 01:45 PM IST

कोलंबो, पांच फरवरी (भाषा) कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने बृहस्पतिवार को भारतीय तटरक्षक बल द्वारा श्रीलंकाई मछुआरों के एक समूह पर कथित हमलों का खंडन किया।

भारतीय उच्चायोग ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘हमने इसका पता लगाया है और हम इसकी पुष्टि कर सकते हैं कि भारतीय नौसेना या भारतीय तटरक्षक बल के किसी भी कर्मी ने ऐसा कोई हमला नहीं किया था।’’

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘भारत ने लगातार यह बात कही है कि मछुआरों की आजीविका संबंधी चिंताओं के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग का सहारा नहीं लिया जाना चाहिए।’’

श्रीलंका के मत्स्य पालन मंत्री रामलिंगम चंद्रशेखरन ने दो फरवरी को कहा था कि इस घटना को लेकर भारत सरकार के समक्ष विरोध दर्ज कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी भारतीय उच्चायोग को दे दी गई है।

उत्तर पश्चिमी तट पर स्थित वेन्नाप्पुवा के वेल्लामनकारया बंदरगाह से 29 जनवरी को तीन ट्रॉलर (मछली पकड़ने के जाल से युक्त नौका) में 12 मछुआरे मछली पकड़ने निकले थे। इन मछुआरों पर कथित तौर पर भारतीय तटरक्षक बलों ने हमला किया था।

श्रीलंकाई नौसेना के प्रवक्ता बुद्धिका संपत ने बताया कि नौसेना ने हमले में बुरी तरह घायल हुए चार मछुआरों को किनारे लाने के लिए एक पोत भेजा। एक अन्य नौसैनिक पोत को छह और घायल मछुआरों को वापस लाने के लिए भेजा गया।

भाषा सुरभि शोभना

शोभना