वाशिंगटन, दो अप्रैल (भाषा) भारतीय मूल की अमेरिकी वकील स्मिता घोष ने उच्चतम न्यायालय की न्यायमित्र के तौर पर अदालत में लिखित दस्तावेज पेश किए हैं, जिनके आधार पर विभिन्न लोगों के जन्मजात नागरिकता अधिकार को खत्म करने से संबंधित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश को चुनौती देने के मामले में सुनवाई आगे बढ़ रही है।
संवैधानिक जवाबदेही केंद्र (सीएसी) में वरिष्ठ अपीलीय वकील घोष उन वकीलों के समूह का हिस्सा हैं, जो जनवरी में फिर से राष्ट्रपति बनने के बाद कार्यकाल के पहले दिन जारी किए गए ट्रंप के उक्त आदेश को चुनौती दे रहे हैं।
इस कार्यकारी आदेश 14वें संशोधन के तहत दिए गए जन्मजात नागरिकता के अधिकार को समाप्त करने का प्रयास किया गया है।
सीएसी में शामिल होने से पहले घोष जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय विधि केंद्र में ‘रिसर्च फेलो’ थीं। उन्होंने ‘यूएस सेंटेंसिंग कमीशन’ में ‘सुप्रीम कोर्ट फेलो’ के रूप में भी काम किया और कनेक्टिकट के अमेरिकी जिला न्यायालय में न्यायाधीश विक्टर बोल्डेन के लिए विधि लिपिक के रूप में सेवाएं दीं।
भाषा जोहेब पारुल
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