भारतीय मूल के व्यक्ति ने आईटी कंपनी के कंप्यूटर नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने का दोष स्वीकार किया

भारतीय मूल के व्यक्ति ने आईटी कंपनी के कंप्यूटर नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने का दोष स्वीकार किया

भारतीय मूल के व्यक्ति ने आईटी कंपनी के कंप्यूटर नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने का दोष स्वीकार किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:55 pm IST
Published Date: September 1, 2020 11:44 am IST

( योशिता सिंह )

न्यूयार्क, एक सितंबर (भाषा) भारतीय मूल के 30 वर्षीय एक व्यक्ति ने एक सूचना-प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी के संरक्षित कंप्यूटर तक पहुंचने और एक कोड चलाने का दोष स्वीकार कर लिया है।

उसके इस कदम से कंपनी को भारी नुकसान हुआ और 2018 में 16,000 खाते डिलीट हो गए।

सुधीश कासबा रमेश ने सैन जोस, कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में अपना दोष स्वीकार किया। अटॉर्नी डेविड एंडरसन ने कहा कि रमेश पर पिछले महीने संरक्षित कंप्यूटर तक पहुंचने का आरोप लगाया गया था।

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार रमेश ने सिस्को की अनुमति के बिना 24 सितंबर 2018 को सिस्को सिस्टम्स के ‘क्लाउड‘ ढांचे तक पहुंच बनाने की बात स्वीकार की।

रमेश ने सिस्को कंपनी के लिए काम किया था और अप्रैल 2018 में उसने इस्तीफा दे दिया।

रमेश को 50,000 अमेरिकी डॉलर की जमानत पर रिहा किया गया है। रमेश की सजा के लिए सुनवाई दिसंबर में शुरू होगी। इस मामले में अधिकतम सजा पांच साल कारावास और 2,50,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना है।

भाषा अविनाश नरेश

नरेश


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