भारतीय छात्र उज्बेक विश्वविद्यालयों में प्रवेश से पहले उनकी साख की जांच करें : भारत

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भारतीय छात्र उज्बेक विश्वविद्यालयों में प्रवेश से पहले उनकी साख की जांच करें : भारत

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 10:06 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 10:06 PM IST

मॉस्को, चार अप्रैल (भाषा) भारत ने उज्बेकिस्तान के विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक अपने छात्रों को उक्त संस्थानों की साख की जांच करने की सलाह दी है। साथ ही एफएमजीएल नियमों के संभावित उल्लंघन को लेकर चिंता व्यक्त की है।

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) द्वारा विदेश में चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले छात्रों को फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट लाइंसेंशिएट्स (एफएमजीएल) प्रदान किया जाता है।

ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास ने छात्रों से आग्रह किया कि वे किसी भी व्यक्ति या एजेंट के बहकावे में न आएं और यह भी सुनिश्चित करें कि उज्बेकिस्तान के संस्थान अपनी क्षमता से अधिक छात्रों को प्रवेश नहीं दे रहk हो।

उज्बेकिस्तान के चिकित्सा महाविद्यालयों में दाखिले को लेकर कई शिकायतें मिलने के बाद भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को छात्रों के लिए एक परामर्श जारी किया।

भारतीय दूतावास के मुताबिक उज्बेकिस्तान में भारतीय समुदाय की अनुमानित संख्या 21,000 है, जिसमें देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत 16,300 छात्र शामिल हैं।

दूतावास द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि भारत और उज्बेकिस्तान के द्विपक्षीय संबंध मजबूत होने के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा के लिए उज्बेकिस्तान को चुनने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और इस वृद्धि के साथ-साथ मध्य एशियाई देश में कई नए विश्वविद्यालय सामने आए हैं।

इसमें कहा गया, ‘‘दूतावास आपसे आग्रह करता है कि आप जिस विश्वविद्यालय में प्रवेश लेना चाहते हैं, उसकी साख के बारे में पूरी तरह से संतुष्ट हों, और यह भी सुनिश्चित करें कि विश्वविद्यालय अपनी क्षमता से अधिक छात्रों को प्रवेश न दे रहे हों।’’

इसके अलावा, छात्रों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि उनकी डिग्री भारत में बतौर चिकित्सा पेशवर कार्य करने के लिए वैध है, जिसके लिए उनके विश्वविद्यालय (उज़्बेकिस्तान में) को भारत के राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा जारी एफएमजीएल विनियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

परामर्श में कहा गया, ‘‘ इस मुद्दे पर आपको गुमराह करने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंट के झांसे में न आएं। कृपया सतर्क रहें और संदेह होने पर दूतावास से संपर्क करें।’’

इस परामर्श में भारत में चिकित्सक का पेशा शुरू करने के वास्ते लाइसेंस प्राप्त करने के लिए छात्र की पात्रता हेतु आठ बिंदुओं की शर्तों की एक सूची जारी की गई है।

इसमें कहा गया, ‘‘उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि देश में चिकित्सा की डिग्री प्राप्त करने वाले सभी लोगों को घरेलू कानून के अनुसार देश में इलाज करने की अनुमति है।’’

परामर्श में कहा गया है कि दूतावास को छात्रों से उनके शिक्षा सलाहकारों (ईसी) के संबंध में कई शिकायतें मिली हैं और उसने सभी ईसी से स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी प्रदान करने को कहा है।

उज्बेकिस्तान में विभिन्न संस्थानों और विश्वविद्यालयों से संबंधित कई मुद्दों के बीच, दूतावास ने यह भी उल्लेख किया कि अधिकारी ताशकंद राजकीय आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की एक शाखा का दौरा करेंगे, जहां ‘‘छात्रों ने स्वयं विश्वविद्यालय द्वारा एफएमजीएल नियमों के उल्लंघन की शिकायत की है और गंभीर चिंता व्यक्त की है’’।

भाषा धीरज माधव

माधव