बीजिंग, 15 मई (भाषा) चीन में भारत के नए राजदूत विक्रम दुरईस्वामी ने चीन के सीमा एवं समुद्री मामलों के विभाग की महानिदेशक होऊ यान्की के साथ परिचयात्मक बैठक की और इस दौरान सीमा से जुड़े घटनाक्रम तथा द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।
यह विभाग चीन के विदेश मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दोनों पक्षों के बीच भारत-चीन सीमा क्षेत्रों से जुड़े घटनाक्रमों पर विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ और द्विपक्षीय संबंधों में आ रही सकारात्मक गति की समीक्षा की गई।’’
पोस्ट में कहा गया, ‘‘दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों के नेताओं की स्थिर और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों की परिकल्पना को लागू करने के लिए स्थापित तंत्रों का उपयोग किया जाएगा।’’
1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी विक्रम दुरईस्वामी ने इसी महीने कार्यभार संभाला था। उन्होंने आठ मई को चीन के विदेश मंत्रालय को अपना परिचय पत्र सौंपा था। यह एक औपचारिक प्रक्रिया होती है, जिसके बाद कोई राजनयिक आधिकारिक रूप से राजदूत या उच्चायुक्त के रूप में कार्य शुरू कर सकता है।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब भारत और चीन अप्रैल 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुए सैन्य गतिरोध के बाद बिगड़े संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। यह गतिरोध चार वर्षों तक चला था।
दोनों देश फिलहाल वीजा सेवाओं और सीधी उड़ानों की बहाली समेत सभी स्तरों पर संबंध सामान्य करने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा