Reported By: Anshul Mukati
,Bhojshala Controversy/Image- AI Generated
Bhojshala Controversy: धार भोजशाला मामले को लेकर इंदौर हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आ रही है। भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर हाईकोर्ट आज दोपहर 2:30 बजे अहम फैसला सुना सकता है। मंदिर, मस्जिद या जैन तीर्थ स्थल भोजशाला (Bhojshala Controversy) की पहचान को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने दावा किया है कि फैसला हिंदू पक्ष में आएगा। उनका कहना है कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया यानी ASI की रिपोर्ट से यह प्रमाणित होता है कि भोजशाला मां सरस्वती का मंदिर था, जिसे 11वीं शताब्दी में मुगल शासकों के दौरान तोड़ा गया। आशीष गोयल के मुताबिक ASI की सर्वे रिपोर्ट में परमार कालीन अवशेष और मंदिर से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं।
वहीं हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विनय जोशी ने भी दावा किया कि 98 दिनों तक चले ASI सर्वे की 2189 पेज की रिपोर्ट साफ तौर पर यह साबित करती है कि भोजशाला (Bhojshala Controversy) मां सरस्वती का मंदिर ही है। गौरतलब है कि भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है। अब इंदौर हाईकोर्ट के फैसले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।