(Rare Blue Moon/ Image Credit: Pexels)
नई दिल्ली: Rare Blue Moon: इस महीने की आखिरी तारीख यानी 31 मई 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन आसमान में एक खास और दुर्लभ नजारा देखने को मिलेगा। इस रात एक अनोखा चंद्र संयोग बनेगा। जिसमें ‘ब्लू मून‘ और ‘माइक्रोमून’ दोनों एक साथ दिखाई देंगे। यह घटना खगोल विज्ञान के लिहाज से काफी खास माना जा रहा है और इसे आमतौर पर बहुत ही कम देखा जाता है।
द्रिक पंचांग के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि 30 मई की सुबह 11 बजकर 57 मिनट से शुरू होकर 31 मई को दोपहर 2 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार पूर्णिमा 31 मई को मनाई जाएगी। इसी दिन व्रत और धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाएंगे। इस दौरान चंद्रमा पूर्ण रूप में दिखाई देगा। लेकिन इसका आकार और चमक सामान्य पूर्णिमा से थोड़ा अलग हो सकता है।
‘ब्लू मून‘ का मतलब चांद के नीले रंग से नहीं होता बल्कि यह एक खगोलीय घटना है। जब एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा आती है तो दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जाता है। वहीं ‘माइक्रोमून’ तब होता है जब पूर्णिमा का चांद पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी पर होता है। जिससे वह थोड़ा छोटा और कम चमकीला दिखाई देता है। इस बार 31 मई का चांद ढाई साल में होने वाली दुर्लभ घटनाओं में से एक होगा।
ब्लू मून और माइक्रोमून को देखने का सबसे अच्छा समय 30 और 31 मई की रात और 31 मई से 1 जून की रात माना जा रहा है। भारतीय समय के अनुसार चांद दोपहर के आसपास दिखाई देगा। लेकिन असली सुंदर दृश्य सूर्यास्त के बाद और रात के समय देखने को मिलेगा। इस दौरान चांद सामान्य से थोड़ा छोटा लेकिन आकर्षक और चमकदार नजर आएगा। जिसे खगोल प्रेमियों के लिए खास अवसर माना जा रहा है।