कराची, चार अगस्त (भाषा) पाकिस्तान के सिंध प्रांत ने ‘घोस्ट स्कूल’ (केवल कागजों पर संचालित शिक्षण संस्थानों) की समस्या पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता वृत्तचित्र के प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
सिंध में बड़े पैमाने पर ‘घोस्ट स्कूल’ मौजूद होने का अनुमान है। ये स्कूल हकीकत में अस्तित्व में नहीं होते और केवल कागजों पर चलते हैं, लेकिन इनके शिक्षकों और कर्मचारियों के नाम पर नियमित रूप से सरकारी वेतन जारी किया जाता है।
वृत्तचित्र की निर्माता-निर्देशक सीमाब गुल ने मंगलवार को बताया कि सिंध बोर्ड ऑफ फिल्म सेंसर (फिल्म प्रमाणन बोर्ड) ने बिना कोई ठोस कारण बताए इसके प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
गुल ने कहा, “मैंने यह वृत्तचित्र सिंध में हमारे बच्चों की शिक्षा को प्रभावित करने वाली एक वास्तविक समस्या को उजागर करने के लिए बनाई है। वृत्तचित्र के निर्माण के दौरान किए गए शोध में हमने पाया कि सिंध में ऐसे सैकड़ों स्कूल चल रहे हैं।”
गुल के मुताबिक, उन्होंने सिंध सेंसर बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ अपील की है और प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने अपील इसलिए की है, क्योंकि पाकिस्तान के अन्य सेंसर बोर्ड ने देश के बाकी हिस्सों में इसके प्रदर्शन को मंजूरी दे दी है। ऐसे में केवल सिंध में ही समस्या क्यों है? यह वृत्तचित्र एक वास्तविक समस्या पर आधारित है।”
लंदन की रहने वाली गुल को यूके एशियन फिल्म फेस्टिवल में इस वृत्तचित्र के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार हासिल हुआ था। इसके अलावा, टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और जेद्दा में आयोजित रेड सी फिल्म फेस्टिवल में भी इस वृत्तचित्र को काफी प्रशंसा मिली थी।
भाषा सुमित पारुल
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